Nội dung text BALARAM-10-2-मीरा-Lesson Plan.pdf
पूव् अवधारणा कौंल : सीखनन की सापालायॉा : * हम भंवान की उपासना कैसन करसन है? * छात पि ंानन की सरीका जान सकेंन। * कमछ पाचीन कृ षण भ् कववयो एवा कवलयवतयो कन नाम बसाओ।* भव् कन पकार जान सकेंन। * भ्ो की पीड़ा िरू करननवाला कौन है ? * पि का सुवर वाचन कर सकेंन। साा ही भाव अपनन ंबिो मे बोल सकेंन। * डहरणयकशयप का वध डकसनन डकया? * पयाय् वाची ंबि, छाि आडि कन बारन मे जान सकेंन। * मीराबाई शयाम की चाकरी कयो करना चाहसी है? * अपनन ंबिो मे मीराबाई कन पिो का साराां ललख सकेंन। अनमभव एवा लचसा न छात पिो की महानसा कन बारन मे जान सकेंन। समािर ंबिो मे मीरा की पिो का साराां बोल सकेंन एवा ललख सकेंन। पिो को भाव, रां, साल यम् ंा सकेंन। । भाषा अधययन सन साबालधस अभयास काय् कन बारन मे जानकारी पाा कर सकेंन। उन्मुखीकर कवयित् - परिचि पदो का यवश्ले ंबिाा् बोधन भाव-थहण और रसाुवाि लंलप-सौिय् का उदारन योगयसा ववुसार& पररयोजना काय् मूलियकॉ क
अधयापक काय् सामूडहक काय् (लंकक एवा छात) छात वयव्ंस काय् सासाधन ववषय अवबोध की जॉचा करनन पूछन जानन वालन प्: उनममखीकरण, ववषय पवनं * उनममखीकरण िोहन कन बारन मे चचा् करँंा / करँंी। * ंाीषक् की घोषणा करँंा / करँंी। * कमछ पलसस कृ षणभ् कवव एवा कवलयवतयो कन लचतो का पिंन् करँंा / करँंी। * भव् पि (कववसा) हरर आप .......इसन महारी भीर। पि का ववशनषण करँंा। *पि रां, भाव, साल यम् ंाकर समनाऊँंा / समनाऊँंी। शयाम महानन .....घणो अधीराँ। पि का ववशनषण करँंा / करँंी। *उनममखीकरण लचत कन बारन मे चचा् करेंन और प्ो कन जवाब िेंन। *छात मीराबाई कन बारन मे चचा् करेंन। * छात भाव, रां, साल सन यम् िोहा ंा सकेंन। * िोहा कन ंलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन कर सकेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण कर सकेंन। * छात भाव, रां, साल सन यम् िोहा ंा सकेंन। * िोहा कन ंलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान छात वैयव्क रप सन मीराबाई कन बारन मे अधययन कर सकेंन। * छात भाव, रां, साल सन यम् िोहा ंायेंन। * िोहा कन ंलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन करेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण करेंन। * छात भाव, रां, साल सन यम् िोहा ंायेंन। * िोहा कन ंलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान * पाठय पमुसक * पाठय पमुसक सथयातमक प्: उनममखीकरण लचतो मे सन डकसी एक कवव / कववलयती कन बारन मे िो वाकय बसाइए? आलोचनातमक लचासन मीराबाई डकसकी उपासना करसी ाी ? आकलन कमछ पलसस कृ षण भ् कववयो कन नाम बोललए। सथयातमक प्: दौपिी को चीर डकसनन पिान डकया ? आलोचनातमक लचासन: जो भ् सचचन हिय सन हरर की भव् करसा है, पभमउसकन िः म ख िरू करनन जरर आसन है। आंय समझाइए। आकलन:पाम पि का भाव अपनन ंबिो मे बसाइए। सथयातमक प्: मीरा कृ षण कन ललए कया बनाना चाहसी है? आलोचनातमक लचासन:
ंबिाा-् बोधन: *िोहो कन सुवर वाचन कन दारा मूल भाव ुपप हो जानन कन बाि ंबिाा् बसाऊँंा / बसाऊँंी। *सनलमंमकन कवव वनमना की ंसक कन बारन मे बसाऊँंा / बसाऊँंी। भाव-थहण और रसाुवाि * िोहो कन भाव समझाऊँंा / समझाऊँंी। *पाठ का रसाुवाि कराऊँंा / कराऊँंी। *िोहा छाि कन बारन मे बसाऊँंा / बसाऊँंी। * अलाकार एवा ंैली कन बारन मे बसाऊँंा / बसाऊँंी। िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन कर सकेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण कर सकेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण कर सकेंन। * पिो कन भाव समझ सकेंन। * पिो का सुवर वाचान कर सकेंन। *िोहो का मूल भाव समझ सकेंन। * कडठन ंबिो को रनखााडकस करकन चचा् करेंन। िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन करेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण करेंन। * सायम्ाकरो का ंमिध उचचारण करेंन। * पिो कन भाव समझेंन । * पिो का सुवर वाचान करेंन। *िोहो का मूल भाव समझेंन। * कडठन ंबिो को रनखााडकस करकन अा् जानेंन। पाठय पमुसक पाठय पमुसक मीराबाई नन शीकृ षण कन रप-सौिय् का वणन् कैसन डकया है ? आकलन: मीरा कन पि का साराां अपनन ंबिो मे बसाइए। * ‘चीर‘ ंबि का पयाय् कया है ? * ‘कम णजर‘ ंबि का पयाय् पयाय् कया है? बूढसो ंजराज राखयो, कारी कम णजर पीर। िासी मीराँलाल लंरधर, हरो महारीभीर।। पाव्यो का भाव ुपप कीजजए।