Nội dung text 10-Lesson 3-मनुष्यता (मैथिली शरण गुप्त )-Study Material.pdf
M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI), WEST GODAVARI DISTRCT-9491577669 2 व्चार लो कि मर्त हो न मरृ्यसर डरो िभी, मरो, परंतय्ो मरो कि ्ाद जो िरे सभी। हयई न ्ो सयमरृ्यतो ्थृ ा मरर, ्थृ ा जजए, मरा नहीं ्ही कि जो जज्ा न आपिर ललए। ्ही पवय-प्वृृ है कि आप आप ही चरर, ्ही मनय ष् है कि जो मनय ष् िर ललए मरर॥ व्या्य : मर्त – मरृ्य, ्ो – ऐसर, ्थृ ा – बरिार (अहंिार), परंतय– लरकिन प्तयत पंव््ो िा िेंी् भा्ः िव् नर दो व्लभनन पिार िर मनयष्ो िा ्रनत कि्ा है। व्या्य : प्तयत पंव््ो मेिव् मैलथलीवरर गयप जी नरहमेमनयष्ता िर लकरो सरअ्गत िरा्ा है। ्रिहतर हैकि मनयष् अमर नहीं है। मनयष् मररवील है, इस बात िो हमे््ीिार िरनरसरही हमाररअंदर सर मरृ्यिा भ् दरू होगा। मनयष् िहलानरिा अलििार उसी िो है, जो दसू ररिर कहत तथा दसू रो िी खयवी िर ललए जीता और मरता है। इस पिार परोपिारी मनयष् मर िर भी दलयन्ा मेअमर हो जाता है। जजस पिार पवयअपनरआप िर ललए चरता हैउसी पिार ््ाथर मनयष् िर्ल अपनी भलाई ् ््ाथत िर बारर मे सोचत हैऔर खयद िर ललए जीता है। ऐसरलोगो िर मर जानरपर उनहेिोई ्ाद नहींरखता। భావం : ఈ కంం పంాివల ్వ మైోశరిశపి గరమానతత వక్వా మాా తోేియర. మోి అమరవ కదో. మోిక మరణం ఉంటందో అంగ్రంిడం నవ్మాల మరణ భేం తవలపతంం. ేా మాువ ూు సంుోవ ససం జవవి మరణంచ నతకి కమాత మోి అో పోపంిాడ హా్ ఉంటంం. ఈ వింగ ఇతరవా ఉపకరం చల మోి ిోప్ా తరతతకు పపంింల అమరడీతవ. ఒ్ పశీ తా ససం మాత తత తేాట్ ేతరయపరుా మాుతవ తమ ేతరయం ససం జవేిర. అలంావర ిోప్ాయవ ఎనర గరింతసర. उसी उदार िी िथा सर््ती बखानती, उसी उदार सर िरा िृताथत भा् मानती। उसी उदार िी सदा सजी् िीलतत िूजती, तथा उसी उदार िो सम्त सवृ् पूजती। अखंड आरम भा् जो असीम व्श मे भरर, ्ही मनय ष् है कि जो मनय ष् िर ललए मरर॥
M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI), WEST GODAVARI DISTRCT-9491577669 3 शब्यार: उदार – महान,शरर , बखानती – गयर गान िरना, िरा – िरती, िृताथत – ऋरी, आभारी, सजी् – जीव्त, िीतर – ्व, िूजती – मियर ध्लन िरती, व्श – दलयन्ा प्तयत पंव््ो िा िेंी् भा्ः उदार गयरो िर महर् िा ्रनत । व्या्य : गयप जी िरअनयसार जो मनयष् उदार, परोपिारी और दानी होतरहै। ऐसरमनयष् िी पूजा सारा संसार िरता है। ऐसरमनयष् ही व्श मेआरमी्ता िा भा् भरतरहै। ्््ंसर््ती माता उनिी िीलततिा बखान िरती हैए्ंिरती खयद उनिी उदारता िी ऋरी मानती है। सचचरअथ् मेमनयष् ्ही है, जो हमरवा दसू ररमनयष् िा भला सोचता हैऔर उसिी भलाई िरललए मर भी सिता है। భావం : ఉిరతతం, దయగణం, ితరతతం గ్వ ్ోలాటనంా నతకిో పపంిం మతిం పూూిందో గుి జ చప్ర. అలంా మాువ మాత లకోే ఆ్్ేతు ోంంతర. సరసత్దవ సతేంగ అతోో కరిూింం. మరిభమ కు అతో ఔిరతోక ఋుణపా ఉందో భవూింం. ేా మాువ ూు సంుోవ ససం జవవి మరణంచ నతకి కమాత మోి అో పోపంిాడ హా్ ఉంటంం. कयिातत रंलतदर् नर कद्ा िर्थ थाल भी, तथा दिीलच नर कद्ा पराथत अज्थजाल भी। उवीनर जकतीव नर ््मांस दान भी कि्ा, सहरत ्ीर िरत नर वरीर-चमत भी कद्ा। अलनर् दरह िर ललए अनाकद जी् क्ा डरर ्ही मनय ष् है कि जो मनय ष् िर ललए मरर॥ शब्यार: कयिातत – भूख सर पररवान, िर्थ – हाथ िी, पराथत – पूरा, अज्थजाल – हज्ड्ो िा समूह उवीनर जकतीव – उवीनर दरव िर राजा लववब, सहरत – खयवी सर, वरीर चमत – वरीर िा ि्च प्तयत पंव््ो िा िेंी् भा्ः रंलतदर्, दिीची ऋवर, समार लववब, दान ्ीर िरत आकद िर दान्ीरता िा ्रनत । व्या्य: प्तयत पंव््ो मे िव् नर दान िी महानता िा उदाहरर अनरि पौराजरि िथाओं िर दारा दरतर हयए महान लोगो िर गयरो िा गान कि्ा है। भूख सर व्ाियल रंलतदर् नर अपनर हाथ मे खानर िी थाली भी दान मे दर दी थी। दिीलच ऋवर नर असयरो सर दर्ताओं िी रका िर ललए इंं िो अपनी हज्ड्ाा दान िर दी थी। इनहीं हज्ड्ो सर ्जा्यि बनािर इंं नर ्ृृ ासयर िा
M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI), WEST GODAVARI DISTRCT-9491577669 4 संहार कि्ा। एि िबूतर िी रका िरनर िर ललए गांिार दरव िर राजा लववब नर अपनर वरीर िा मांस िार िर दान मे दर कद्ा था। ्ीर िरत नर दान मांगर जानर पर अपनर वरीर सर लगर हयए रका-ि्च िो भी दान िर कद्ा था। इसीललए िव् िहतर है कि आरमा तो अमर है, किर दसू रो िी भलाई िर ललए वरीर िो जोजखम मे डालनर सर क्ो डरना है? अपनर जी्न िा उप्ोग दसू रर मनयष्ो िी भलाई िर ललए िरनर पर ही तो हम मनयष् िहलानर ला्ि है। భావం : పూిత పంాివల ్వ అడ్ ంరణ గావ ితర ితరతతంయ్్ గప్తనోే ఉిహరణవగ ఇచ్, మహాభీవ ూగ్వా గాం చయర. ఆ్ోు అవమాూినే రంకదీవ తా చకల ఉాే ఆహరోే ిాంగ ఇచ్వ. దధచ మహర ్ రకూవ ాంా రకణ ససం తా ఎమ్వా దనతవా ిాం చయవ. (దధచ మహర ్ ఎమ్వ ాంా దనతవ నజిిం తయర చే అూరవా సంహరంచర.) ఒ్ పీరోే రకంిుోక గంంర దయోక చంంా శి ికనరి తా శరర మంేోే సే ిాం చయవ. ిా వరరా ్ర్వ ిాంగ ఆడుగ తా శరరోక అమర్ా రకణ ్నచోే కు ిాం చయవ. అందు ఆత్ అమరమాదో, ఇతరవ శేూే ససం శరరోే పణంగ పట్ుోక ఎందా భేపువో ్వ అంటనేర. మా జవతవా పరవ శేూే ససం ఉప్లలిడ మాం మాువ అో పవనబడతమ. सहानयभूलत चाकहए, महाव्भूलत है्हीः ्वीिृत सदै् हैबनी हयई ्््ं नहीं। व्रु्ाद बयु िा द्ा-प्ाह मे बहा, व्नीत लोि्गत क्ा न सामनर झयिा रहा अहा। ्ही उदार हैपरोपिार जो िरर, ्ही मनय ष् है कि जो मनय ष् िर ललए मरर॥ शब्यार: सहानयभूलत – द्ा,िररा, महाव्भूलत – सब सर बडी समपलत, ्वीिृता – ्व मे िरनर ्ाला, मही – ईशर, व्रु्ाद – जखलाि होना प्तयत पंव््ो िा िेंी् भा्ः मनयष् िर भा्नारमि गयरो िा ्रनत । व्या्य: प्तयत पंव््ो मे िव् नर सहानयभूलत, िररा, उपिार िी भा्ना िो मान् िा सबसर बडा िन बता्ा है। जजस व्व् मे उपिार िरनर िी भा्ना होती है, ्ही िन्ान िहलानर ्ोग् है।