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Nội dung text BALARAM-10-3-मनुष्यता (मैथिली शरण गुप्त )-Lesson Plan.pdf



अधयापक काय् सामूड्क काय् (लंकक एवा छात) छात वयवकगत काय् सासाधन ववषय अवबोध की जॉचा करनन पूछन जानन वालन प्: उनमुखीकरण, ववषय पवनं *उनमुखीकरण लचत कन बारन मे चचा् करँगा / करँगी। *ंाीषक् की घोषणा करँगा / करँगी। *ड्ािी कन कुछ पलसस लनखको कन लचत एवागुप जी का लचत पिलंत् करँगा /करँगी। *मनु षयता (कववता) ववचार लो .......कन ललए मरन (परम 4 कववताां) *कववता राग, भाव, ताल युक गाकर सुनाऊँगा / सुनाऊँगी। *कववताांो का ववशनषण करँगा। *उनमुखीकरण लचत कन बारन मे चचा् करेगन और प्ो कन जवाब िेगन। *छात गुप जी कन बारन मे चचा् करेगन। *छात भाव, राग, ताल सन युक कववता गा सकेगन। * कववता कन गलत, ववराम- लचह, माता तरा तुक पर धयान िनतन ्ु ए कववता का सुवर वाचन कर सकेगन। *सायुकाकरो का ंुिध उचचारण कर सकेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन अर् जान सकेगन। *कववता का भाव समझ सकेगन। छात वैयवकक रप सन गुपजी कन बारन मे अधययन कर सकेगन। *छात भाव, राग, ताल सन युक कववता गायेगन। * कववता कन गलत, ववराम- लचह, माता तरा तुक पर धयान िनतन ्ु ए कववता का सुवर वाचन करेगन। *सायुकाकरो का ंुिध उचचारण करेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन अर् जानेगन। *कववता का भाव समझेगन । *पाठय पुुतक तरयातमक प्: लचत मे कया-कया ्ै ? आलोचनातमक लचातन गुप जी को राष कवव कयो क्ा गया ्ै। समझाइए। आकलन गुप जी कन बारन मे पॉचा वाकय बोललए । तरयातमक प्: पंुकी पववरत कया ्ै ? आलोचनातमक लचातन: मानव मे उिार की भावना आवशयक ्ै या न्ीा? अपनन ववचार वयक कीजजए। आकलन: तीसरन कववताां का भाव अपनन ंबिो मे बताइए ?
*र्ो न भूल..... मनु षय कन ललए मरन (5,6,7,8) *कववता राग, भाव, ताल युक गाकर सुनाऊँगा / सुनाऊँगी। *कववताांो का ववशनषण करँगा / करँगी। ंबिार-् बोधन: *कववता कन सुवर वाचन कन दारा कववता का मूल भाव ुपप ्ो जानन कन बाि ंबिार् बताऊँगा /बताऊँगी। भाव-थ्ण और रसाुवाि *कववता का भाव समझाऊँगा /समझाऊँगी। *कववता का रसाुवाि *छात भाव, राग, ताल सन युक कववता गा सकेगन। * कववता कन गलत, ववराम- लचह, माता तरा तुक पर धयान िनतन ्ु ए कववता का सुवर वाचन कर सकेगन। *सायुकाकरो का ंुिध उचचारण कर सकेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन अर् जान सकेगन। *कववता का भाव समझ सकेगन। *कववता का सुवर वाचान सकेगन। *कववता का मूल भाव समझ सकेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन चचा् करेगन। * कववता का मूल भाव समझ सकेगन। *पाठ का रसाुवाि कर सकेगन। *छात भाव, राग, ताल सन युक कववता गायेगन। * कववता कन गलत, ववराम- लचह, माता तरा तुक पर धयान िनतन ्ु ए कववता का सुवर वाचन करेगन। *सायुकाकरो का ंुिध उचचारण करेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन अर् जानेगन। *कववता का भाव समझेगन । *कववता का सुवर वाचान करेगन। *कववता का मूल भाव समझेगन। *कडठन ंबिो को रनखााडकत करकन अर् जानेगन। *कववता काभाव समझेगन। *पाठ का रसाुवाि करेगन। *पकरलत कन ववववध रपो सन लमलनन वाली पनरणा जान *पाठय पुुतक पाठय पुुतक पाठय पुुतक तरयातमक प्: ्मे मिााध कयो न्ीा ्ोनी चाड्ए? आलोचनातमक लचातन: मनु षय मात बाधु्ै। समझाइए आकलन: कववता का साराां अपनन ंबिो मे बताइए। ‘ करतार’् ंबि का अर् कया ्ै ? ‘ मिााध’ ंबि का अर् कया ्ै ? र्ो न भूल कन कभी मिााध तुचछ ववत मे, सनार जान आपको करो न गव् ववत मे। भाव ुपप कीजजए।

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