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सामाजिक विज्ञान (इतिहास) अध्याय-1: फ्ाांसििी क्ाांसि
(1) 01 फ्रांसििी क्रांति फ्रांिीिी क्रांति :- • 1789 मेंफ्रांसीसी क्रांति शुरू हुई। मध्यम वर्गद्वररर शुरू की र्ई घटनरओांकी श्रांखलर ने उच्च वर्ों को झकझोर दियर। • लोर्ों नेररजशरही के क्ू र शरसन के खखलरफ ववद्रोह दकयर। इस क्रांति नेस्विांत्रिर, बांधुत्व और समरनिर के ववचररों को सरमनेरखर। • क्रांति की शुरुआि 14 जुलरई, 1789 को बरस्तील के दकलेसेहुई। • बरस्तील के दकलेसेसभी नफरि करिेथे, क्योंदक बरस्तील कर दकलर सम्ररट की तनरांकु श शक्तियों कर प्रिीक थर। • 14 जुलरई 1789 को क्ु द्ध भीड नेबरस्तील के दकलेको िोड़ दियर और ररजतनतिक कै दियों को ररहर करवर ललयर। फ्रांिीिी क्रांति के कररण :- ररजनीतिक कररण: 18 वीांशिरब्दी में, फ्रांस एक पूर्गररजशरही के अधधकरर के िहि एक सरमांिी समरज थर। वसरगइल के शरही महल मेंबोरबॉन सम्ररट शरनिरर िरीके सेरहिेथे। फ्रांस की ववत्त व्यवस्थर ववकट स्थस्थति मेंथी। फ्रांस मेंशरधमल कई युद्धों के बरि खजरनर व्यरवहरररक रूप सेखरली थर। ररजर लुई सोलहवें ररजनीतिक और ववत्तीय सांकटों के मरध्यम सेफ्रांस कर मरर्गिशगन करनेमेंअसमथगथे। ररनी मैरी एांटोनेट, एक ऑस्ट्रियरई ररजकु मररी, को जनिर के पैसेसेिूर करनेके ललए िोषी ठहररयर र्यर थर। प्रशरसन भ्रष्ट और तनरांकु श थर। िरमरजजक-आर्थिक कररण: फ्रांस की सरमरलजक पररस्थस्थतियराँउसके ररजनीतिक सांर्ठन की िरह ही सांकटपूर्गथीां। फ्रांसीसी समरज िीन वर्ों यर सम्पिरओांमेंववभरलजि थर। परिरी और अधभजरि वर्गके ववशेषरधधकरर प्ररप्त
(2) 01 फ्रांसििी क्रांति वर्गनेक्मशः पहली सांपलत्त और िसू री सांपलत्त बनरई। इन िो सम्पिरओांनेसरकरर के अधीन कई ववशेषरधधकरर प्ररप्त दकए और उन्हेंकररधरन कर बोझ नहीांउठरनर पड़र। तिज्ञरपन: बड़प्पन नेफ्रांसीसी प्रशरसन मेंसभी महत्वपूर्गपिों पर एकरधधकरर कर ललयर और ववलरससिर कर जीवन व्यिीि दकयर। िीसरी सांपलत्त मेंआम लोर् शरधमल थे। इसमेंमध्यम वर्गके लोर्, दकसरन, कररीर्र, श्धमक और खेतिहर मजिूर शरधमल थे। यहरां िक दक अमीर मध्यम वर्ग, व्यरपरररयों, कररखरनेके मरललकों आदि सेधमलकर भी इस श्ेर्ी मेंआिेहैं। कररधरन कर पूरर बोझ िीसरी सांपलत्त पर पड़र। लेदकन इन करिरिरओांके परस कोई ररजनीतिक अधधकरर नहीांथर। कररीर्रों, दकसरनों और करम करनेवरलों की हरलि ियनीय थी। दकसरनों को लांबेसमय िक करम करनर पड़र और क्रउन को, परिरी को और बड़प्पन को अलर्-अलर् करों कर भुर्िरन करनर पड़र। इन सभी करों कर भुर्िरन करनेके बरि, उनके परस खुि को खखलरनेके ललए मुस्ट्िल सेपैसेथे। धनरढ्य मध्य वर्गको भररी कर चुकरनेपड़ेऔर अधभजरि वर्गऔर उच्च परिररयों द्वररर प्ररप्त ववशेषरधधकररों कर ववरोध दकयर। मजिूर, दकसरन और मध्य वर्गजो सरमरलजक और आर्थथक व्यवस्थर के िहि पीदड़ि थे, वेइसेबिलनर चरहिेथे। दरर्शननकों कर प्रभरि: वोल्टेयर, रूसो और मोंटेस्क्क्यूजैसेफ्रांसीसी िरशगतनकों नेस्विांत्रिर और समरनिर के क्रांतिकररी ववचररों वरलेलोर्ों को प्रेररि दकयर। मोंटेस्क्क्यूनेररजरओांके िैवीय अधधकरर के ससद्धरांि को खरररज कर दियर और शक्तियों को अलर् करनेकर आग्रह दकयर। रूसो नेअपनी पुस्तक 'सोशल कॉन्ट्िैक्ट' मेंघोषर्र की दक सांप्रभुसत्तर लोकप्रप्रय इच्छरशक्ति मेंहै। अमेररकी क्रांति कर प्रभरि: स्विांत्रिर के ललए अपनेयुद्ध मेंअमेररदकयों की सफलिर नेफ्रांसीसी लोर्ों को अधभजरि वर्ग, परिरी और ररज्य द्वररर उनके शोषर् के खखलरफ ववरोध करनेके ललए प्रोत्सरहहि दकयर। िरमरजजक कररण :-