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सामाजिक विज्ञान (इतिहास) अध्याय-1: यूरोप मेंराष्ट्र वाद का उदय
(1) 01 यूरोप मेंराष्ट्रवाद का उदय राष्ट्र अरनेस्ट रेनर के अनुसार समान भाषा नस्ल धममसेबनेक्षेत्र को राष्ट्रकहतेहैं। एक राष्ट्रलंबेप्रयासों त्यागो और ननष्ठा का चरम नबदिं ुहोता है। राष्ट्रऐसेलोगों का समूह हैजो जानत, धमम, भाषा, रीनत-ररवाज, इनतहास आदद की साझ कारण आपस मेंजुडेहुए है, जजनका सााँझा सभ्याचार हैह, जजनके अंदर मनोवैज्ञाननक सद्भाव की भावना ववकससत हुई है। राष्ट्र वाद अपनेराष्ट्रके प्रनत प्रेम की भावना को राष्ट्रवाद कहतेहैं। राष्ट्रवाद (nationalism) यह ववश्वास है दक लोगों का एक समूह इनतहास, परंपरा, भाषा, जातीयता या जानतवाद और संस्कृ नत के आधार पर स्वयं को एकीकृ त करता है। इन सीमाओंके कारण, वेइस ननष्कषमपर पहुंचेहैंदक उन्हेंअपने स्वयं के ननणमयों के आधार पर अपना स्वयं का संप्रभुराजनीनतक समुदाय, 'राष्ट्र' स्थापपत करनेका अधधकार है। नेपोलियन कौन था? • नेपोजलयन का जन्म 15 अगस्त 1769 को हुआ। नेपोजलयन एक महान सम्राट था जजसने अपनेव्यक्तित्व एवं कायों सेपूरेयूरोप के इनतहास को प्रभाववत दकया। नेपोजलयन • अपनी योग्यता के बल पर 24 वषमकी आयुमेंही सेनापनत बन गया।
(2) 01 यूरोप मेंराष्ट्रवाद का उदय • उसनेकई युद्धों मेंफ्ांसीसी सेना को जीत ददलाई और अपार लोकपप्रयता हाससल कर ली दिर उसनेपीछेमुडकर नहींदेखा और फ्ांस का शासक बन गया। उदारवाद उदारवाद यानन Liberalism शब्द लानतनी भाषा के मूल शब्द liber पर आधाररत है। जजसका अथम हैस्वतंत्रता। नए मध्यम वगमके जलए उदारवाद का अधभप्राय था व्यक्ति के जलए आजादी व कानून के समक्ष समानता। ननरंकु शवाद ननरंकु शवाद का सामान्य अथमएक ऐसी सरकार या शासन व्यवस्था हैजजसकी सत्ता पर दकसी प्रकार का कोई अंकु श नहीं होता। इनतहास मेंऐसी राजशाही सरकारों को ननरंकु श सरकार कहतेहैंजो अत्यंत के न्द्रीकृ त, सैन्य बल पर आधाररत और दमनकारी सरकारेंहोती थीं। जनमत संग्रह एक प्रत्यक्ष मतदान जजसके द्वारा एक क्षेत्र की सारी जनता सेदकसी प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करनेके जलए पूछा जाता है। यूटोपपया (कल्पनादशश) एक ऐसेसमाज की कल्पना जो इतना आदशमहैदक उसका साकार होना लगभग असंभव होता है। रूमानीवाद रूमानीवाद एक संस्कृ नत आंदोलन था जो एक ववशेष प्रकार की राष्ट्रीय भावना का ववकास करना चाहता था। रुमानी कलाकारों तथा कववयों नेतकम ववतकम और ववज्ञान पर बल देनेके स्थान पर अंतर्दमष्टष्ट् और रहस्यवादी भावनाओंपर बल ददया । वह एक सामूहहक ववरासत की अनुभूनत और एक साझेसांस्कृ नतक अतीत को राष्ट्रका धममबनाना चाहतेथे। जुंकसश