Nội dung text 9. प्रकाश - परावर्तन एवं अपवर्तन.pdf
ChemContent प्रकाश - परावर्तन एवंअपवर्तन हम किसी वस्त ु िो िै सेदेख पातेहै:- वस्त ु पर पड़नेवालेप्रकाश को वस्त ु परावर्तित कर देती है, यह परावर्तित र्करण जब हमारी आँखों केद्वारा ग्रहण र्कया जाता हैतो यह परावतिन वस्त ु को आँखों केद्वारा देखनेयोग्य बनाता है| प्रिाश िी किरण :- जब प्रकाश अपनेप्रकाश केस्रोत सेगमन करताहैतो यह सीधीएवंएक सरल रेखा होता है| प्रकाश केस्रोत सेचलनेवालेइस रेखा को प्रकाश की र्करण कहतेहै| छाया :- जब प्रकाश र्कसी अपारदशी वस्त ु सेहोकर गज ु रताहैतो यह प्रकाश की र्करण कोपरावर्तित कर देता हैर्जससेउस अपारदशी वस्त ु की छाया बनती है| प्रिाश िा कववततन :- यर्द प्रकाश केरास्तेमेंराखी अपारदशी वस्त ु अत्यंत सक्ष्ू म हो तो प्रकाश सरल रेखा मेंचलनेकी अपेक्षा इसकेर्कनारों पर मड़ु नेकी प्रवर्ृत र्दखता है इस प्रभाव को प्रकाश का र्ववतिन कहतेहै| प्रिाश िा परावततन :- जब प्रकाश की र्करण र्कसी चमकीलेसतह सेयापरावतिक पष्ठृ सेटकराताहैतो यह उसी माध्यम मेंपन ु : मड़ु जाता हैर्जस माध्यम सेयह आता है| इस पररघटना को प्रकाश का परावतिन कहतेहै| प्रकाश कापरावतिनहमेशा अपारदशी वस्तओ ु ंसेहीहोताहै| जबर्क प्रकाश का अपवतिनपारदशी वस्तओ ु ं सेहोता है|
(1) ChemContent प्रिाश िेपरावततन िा कनयम :- i. आपतन कोण, परावतिन कोण केसमान होता है| ∠ i = ∠ r ii. आपर्तत र्करण, दपिण केआपतन र्बंद ु पर अर्भलम्ब और परावर्तित र्करण, सभी एक ही तल मेंहोतेहैं| नोट :- परावतिन का यहर्नयम गोलीय दपिण सर्हत सभी परावतिक पष्ठृ ोंपर लाग ुहोता है| ि ु छ समान्य एवंअदभत ु पररघटनाएं:- प्रकाश केपरावतिन केकारण क ु छ समान्य एवंअदभत ु पररघटनाएं होती हैजो र्नम्नहैदपिण केद्वारा प्रर्तर्बम्ब का बनना, तारों का र्टमर्टमाना, इन्रधनष ु केसन् ु दर रंग, र्कसी माध्यम द्वारा प्रकाश का मोड़ना आर्द परावततन िेप्रिार :- (i) कनयकमत परावततन :- इस प्रकार का परावतिन र्चकनेसतह सेहोता हैतथा अपर्तत र्करणेंपरावतिन केपश्चात्समांतरही रहती है| (ii) अकनयकमत परावततन :- इस तरह का परावतिन खर ु दरेसतह सेहोता हैतथा परावतिन केपश्चात् आपर्तत समान्तर र्करणेसमान्तरनहीं होती है| (i) र्नयर्मत परावतिन (ii) र्वसररत परावतिन दपतण : यह एक चमकीला और अर्धक पॉर्लश र्कया हुआ परावतिक पष्ठृ होता हैजो अपनेसामनेरखी वस्त ु का प्रर्तर्बम्ब बनाता है| दपिण दो प्रकार काहोता है| (A) समतल दपतण :- इसका परावतिक पष्ठृ सीधा तथा सपाट होता है|
(2) ChemContent पररभाषा :-ऐसेदपिण र्जनका परावतिक पष्ठृ समतल हो समतल दपिण कहलाता है| समतल दपतण िा उपयोग :- i. इसका उपयोग घरों मेंचेहरा देखनेकेर्लए र्कया जाता है| ii. सैलन ू तथा ब्यट ू ी पारलर आर्द मेंर्कया जाता है| समतल दपिण द्वारा बनेप्रर्तर्बंब की प्रकृर्त : इसकेद्वारा बना प्रर्तबंब आभासी और सीधा होता है| तथा प्रर्तर्बंब दपिण केपीछेउतनी दर ु ी पर बनता हैजीतनी दर ु ी पर र्बंब दपिण केसामनेरखाहोता है (B) गोलीय दपतण :- इसकापरावतिक पष्ठृ वक्र (मड़ु ाहुआ) होता है| गोलीय दपिण का परावतिक पष्ठृ अन्दर की ओर या बाहर की ओर वर्क्रत हो सकता है| पररभाषा : ऐसेदपिण र्जसका परावतिक पष्ठृ गोलीय होता है, गोलीय दपिण कहलाता है| इसी वक्रता केआधारपर गोलीय दपिण दो प्रकार का होता है| गोलीय दपतण िेप्रिार :- i. अवतल दपतण :- इसका परावतिक पष्ठृ अन्दर की ओर अथाित गोलेकेकें र की ओर धँसा हुआ (वर्क्रत) होता है|