Nội dung text BALARAM-10-6-कर चले हम फ़िदा (कैफी आज़मी ).pdf
6. कर चल े हम फ़िद (कैफ़ आज़म) पाठ योजना पाठ का ना़ पाठयाां आवशयक कालाां पाठयाां पढानन कन ललए स़य सम़ा आवशयक सासाधन ववंनष सूचनाऍा कर चल े हम फ़िद (कैफ़ आज़म) (कववता) उऩमखमकरण 1 * पाठयपमुतक * चार् * डिजजरल (DIKSHA APP) * A.P.e pathashala आडि उपकरण उऩमखमकरण लचत (कोलकता बाग) कन बारन ़े चचा,् ंमषक् क़ घोषणा, कवव पररचय आडि। कावय पाठ (पाठयाां वववरण) 1 कववता का भाव, राग, ताल, यमक सुवर वाचन करना / कराना। ंबिाा-् बोधन 1 कववता का ववुतारपूवक् वववरण। कववता पढातन स़य कडठन ंबिद का रनखााडकत एवा वववरण। भाव-ग्ण और रसाुवाि 1 छात भाव ग्ण कर सकेगन। लघमप्द कन उतर अपनन ंबिद ़े िन सकेगन। लंलप-सौिय् का उदारन 1 यमद ़ें्ीि ्ोननवालनएक सैलनक कनअालत़ कणद क़ ़नोिंा आत़साततकर लेगन। एवा िनंभक बनेगन। कववता काठुा कर सकेगन, उलचत अवसारद पर लय एवा आरो्- अवरो् कन साा समना सकेगन। योगयता ववुतार 1 योगयता ववुतार कन अातगत् डियन गयन 2 काय् कर सकेगन। पररयोजना काय् 1 पररयोजना काय् कन अातगत् डिया गया काय् कर सकेगन। पच् परीका 1 पच् परीका लम जाएगम। जो बचचन न्ीा ललख पायेगन उनकन ललए अगलन डिन परीका क़ साचालन कर सकूँगा / सकूँगम।
अधयापक काय् सा़ूड्क काय् (लंकक एवा छात) छात वयवकगत काय् सासाधन ववषय अवबोध क़ ज्चा करनन पूछन जानन वालन प्: उऩमखमकरण, ववषय पवनं * उऩमखमकरण लचत कन बारन ़े चचा् करँगा / करँगम। * ंामषक् क़ घोषणा करँगा / करँगम। * कर चलन ़् डििा डिल़ सन साबालधत लचत एवा कैफ़ आज़म जम का लचत पिलंत् करँगा / करँगम। * कर चलन ़् डििा (कववता) कर चलन ़् ....... वतन सालायो। *कववता राग, भाव, ताल यमक गाकर समनाऊँगा / समनाऊँगम। *कववता का ववशनषण करँगा / करँगम। *उऩमखमकरण लचत कन बारन ़े चचा् करेगन और प्द कन जवाब िेगन। *छात कैफ़ आज़म जम कन बारन ़े चचा् करेगन। * छात भाव, राग, ताल सन यमक कववता गा सकेगन। * कववता कन गलत, ववरा़- लचह, ़ाता ताा तमक पर धयान िनतन ्म ए कववता का सुवर वाचन कर सकेगन। * सायमकाकरद का ंमिध उचचारण कर सकेगन। * कडठन ंबिद को रनखााडकत करकन अा् जान सकेगन। *कववता का भाव स़झ सकेगन। छात वैयवकक रप सन कैफ़ आज़मजम कन बारन ़े अधययन कर सकेगन। * छात भाव, राग, ताल सन यमक कववता गायेगन। * कववता कन गलत, ववरा़- लचह, ़ाता ताा तमक पर धयान िनतन ्म ए कववता का सुवर वाचन करेगन। * सायमकाकरद का ंमिध उचचारण करेगन। * कडठन ंबिद को रनखााडकत करकन अा् जानेगन। * कववता का भाव स़झेगन । * पाठय पमुतक तथयात़क प्: लचत ़े कौन-कौन ्ै ? आलोचनात़क लचातन कैफ़ आज़म जम क़ ववंनषता बताइए। आकलन कैफ़ आज़म जम कन बारन ़े प्चा वाकय बोललए । तथयात़क प्: ं्ीि डकसन क्तन ्ै? आलोचनात़क लचातन: सर ड़्ालय का डकसनन न झमकनन डिया? और कयद? आकलन: कववता का साराां अपनन ंबिद ़े ललजखए।
ंबिाा-् बोधन: *कववता कन सुवर वाचन कन दारा कववता का ़ूल भाव ुपप ्ो जानन कन बाि ंबिाा् बताऊँगा / बताऊँगम। भाव-ग्ण और रसाुवाि * कववता का भाव स़झाऊँगा / स़झाऊँगम। * कववता का रसाुवाि कराऊँगा / कराऊँगम। * अलाकार एवा ंैलम कन बारन ़े बताऊँगा / बताऊँगम। लंलप-सौिय् का उदारन: कववता का भावाा् ललखवानन का चचा् काया् चलाऊँगा / चलाऊँगम। योगयता ववुतार: * कववता का सुवर वाचान सकेगन। * कववता का ़ूल भाव स़झ सकेगन। * कडठन ंबिद को रनखााडकत करकन चचा् करेगन। * कववता का ़ूल भाव स़झ सकेगन। *पाठ का रसाुवाि कर सकेगन। * पकरलत कन ववववध रपद सन ल़लनन वालम पनरणा जान सकेगन। * अलाकार एवा ंैलम कन बारन ़े जान सकेगन । * कववता का ़ूलभाव अपनन ंबिद ़े वयक कर सकेगन और ललख सकेगन। * उलचत अवसरद पर कववता का गायन कर सकेगन। *योगयता ववुतार कन अातगत् * कववता का सुवर वाचान करेगन। * कववता का ़ूल भाव स़झेगन। * कडठन ंबिद को रनखााडकत करकन अा् जानेगन। * कववता का ़ूल भाव स़झेगन। * पाठ का रसाुवाि करेगन। * पकरलत कन ववववध रपद सन ल़लनन वालम पनरणा जान सकेगन। * अलाकार एवा ंैलम कन बारन ़े जानेगन । * कववता का ़ूलभाव अपनन ंबिद ़े वयक करेगन और ललखेगन । * उलचत अवसरद पर कववता का गायन करेगन। * वैयवकक रप सन भम डियन गयन अां कन बारन पाठंाला पाठय पमुतक पाठय पमुतक पाठय पमुतक ‘ ड़्लगरर ’ ंबि का अा् कया ्ै ? ‘ कमबान् म ’ ंबि का अा् कया ्ै ? छू न पाए समता का िा़न कोई रा़ भम तम़, तमम्ी लक़ण सालायो। भाव ुपप क़जजए। छातद कन अभयास कन ललए प् : * कववता ़े सन अपनम ़न पसाि कववताां का भाव अपनन ंबिद ़े ललजखए। तोप ंमषक् कववता का भाव स़झतन ्म ए कववता का गद ़े रपाातरण करेगन।