PDF Google Drive Downloader v1.1


Báo lỗi sự cố

Nội dung text BALARAM-10-5-तोप (वीरेन )-Lesson Plan.pdf

5. तोप (वीरेन डंगवाल) पाठ योजना पाठ का नाम पाठयांं आवशयक कालांं पाठयांं पढाने के ललए समय सीमा आवशयक संसाधन ववंेष सूचनाऍं तोप (वीरेन डंगवाल) (कववता)) उनममखीकरण 1 * पाठयपमुतक * चार् * डडजजरल (DIKSHA APP) * A.P.e pathashala आडि उपकरण उनममखीकरण लचत (कोलकता बाग) के बारे मे चचा,् ंीषक् की घोषणा, कवव पररचय आडि। कावय पाठ (पाठयांं वववरण) 1 कववता का भाव, राग, ताल, यमक सुवर वाचन करना / कराना। ंबिाा-् बोधन 1 कववता का ववुतारपूवक् वववरण। कववता पढाते समय कडठन ंबिद का रेखांडकत एवं वववरण। भाव-ग्ण और रसाुवाि 1 छात भाव ग्ण कर सकेगे। लघमप्द के उतर अपने ंबिद मे िे सकेगे। लंलप-सौिय् का उदारन 1 ईुर इंडडया कंपनी की ंासन एवं तोप की इलत्ास आतमसाततकर लेगे। कववता कंठुा कर सकेगे, उलचत अवसारद पर लय एवं आरो्-अवरो् के साा समना सकेगे। योगयता ववुतार 1 योगयता ववुतार के अंतगत् डिये गये 2 काय् कर सकेगे। पररयोजना काय् 1 पररयोजना काय् के अंतगत् डिया गया काय् कर सकेगे। पच् परीका 1 पच् परीका ली जाएगी। जो बचचे न्ीं ललख पायेगे उनके ललए अगले डिन परीका की संचालन कर सकूँगा / सकूँगी।


ंबिाा-् बोधन: *कववता के सुवर वाचन के दारा कववता का मूल भाव ुपप ्ो जाने के बाि ंबिाा् बताऊँगा / बताऊँगी। भाव-ग्ण और रसाुवाि * कववता का भाव समझाऊँगा / समझाऊँगी। * कववता का रसाुवाि कराऊँगा / कराऊँगी। * अलंकार एवं ंैली के बारे मे बताऊँगा / बताऊँगी। लंलप-सौिय् का उदारन: कववता का भावाा् ललखवाने का चचा् काया् चलाऊँगा / चलाऊँगी। योगयता ववुतार: * कववता का सुवर वाचान सकेगे। * कववता का मूल भाव समझ सकेगे। * कडठन ंबिद को रेखांडकत करके चचा् करेगे। * कववता का मूल भाव समझ सकेगे। *पाठ का रसाुवाि कर सकेगे। * पकरलत के ववववध रपद से लमलने वाली पेरणा जान सकेगे। * अलंकार एवं ंैली के बारे मे जान सकेगे । * कववता का मूलभाव अपने ंबिद मे वयक कर सकेगे और ललख सकेगे। * उलचत अवसरद पर कववता का गायन कर सकेगे। *योगयता ववुतार के अंतगत् * कववता का सुवर वाचान करेगे। * कववता का मूल भाव समझेगे। * कडठन ंबिद को रेखांडकत करके अा् जानेगे। * कववता का मूल भाव समझेगे। * पाठ का रसाुवाि करेगे। * पकरलत के ववववध रपद से लमलने वाली पेरणा जान सकेगे। * अलंकार एवं ंैली के बारे मे जानेगे । * कववता का मूलभाव अपने ंबिद मे वयक करेगे और ललखेगे । * उलचत अवसरद पर कववता का गायन करेगे। * वैयवकक रप से भी डिये पाठय पमुतक पाठय पमुतक पाठय पमुतक अंतजाल् ‘ धरो्र ’ ंबि का अा् कया ्ै ? ‘ सैलानी ’ ंबि का अा् कया ्ै ? उड़ा डिए ाे मैने अचछे-अचछे सूरमाओं के धजजे। भाव ुपप कीजजए। छातद के अभयास के ललए प् : * कववता मे से अपनी मन पसंि कववतांं का भाव अपने ंबिद मे ललजखए। तोप ंीषक् कववता का भाव समझते ्म ए कववता का गद मे रपांतरण करेगे।

Tài liệu liên quan

x
Báo cáo lỗi download
Nội dung báo cáo



Chất lượng file Download bị lỗi:
Họ tên:
Email:
Bình luận
Trong quá trình tải gặp lỗi, sự cố,.. hoặc có thắc mắc gì vui lòng để lại bình luận dưới đây. Xin cảm ơn.