Content text 8. अनुवांशिकता एवं जैव विकास.pdf
आन ु वंशिकी “जीव ववज्ञान की वह शाखा वजसकेअंतर्गत आनव ु ावंशक लक्षणों के संतान मेंपह चं नेकी रीवतयों एवं आनव ुंवशक समानताएवंववविन्नताओंका अध्ययन करतेहैंआनव ुंवशक ववज्ञान या आनव ुंवशकी कहलाती है।” आन ु वंशिकता जीवों मेंप्रजनन केद्वारा संतानउत्पन्न करनेकी अद्भ ु त क्षमता होती है। संतानों मेंक ु छ लक्षण माता-वपता सेपीढी-दर-पीढी पह चं तेरहतेहैं, वजन्हेंआनव ुंवशक लक्षण कहतेहैं। वंशार्त लक्षणों (Inherited Characters) का अध्ययन आनव ुंवशकता (Heredity) कहलाताहै। ग्रेगर जॉन मेंडल का योगदान आनव ुंवशकी केक्षेत्र मेंग्रेर्र जॉन मेंडल केमहत्वपण ू गयोर्दान केकारण इन्हेंआनव ुंवशकी का वपता कहा जाता है। येआवरिया केपादरी थे। इन्होंनेमटर केपौधों पर अनेक प्रयोर् वकए औरउनकेआधार पर क ु छ वनष्कर्षों को प्रवतपावदत वकया वजसकी ररपोटग1866 मेंप्रकावशत की र्ई।
(1) ChemContent अपनेप्रयोर्ों केआधारपर मेंडल वनम्नवलवखत वनष्कर्षगपर पहच ं े :- 1. आनव ुंवशक लक्षणों को पीढी दर पीढी लेजानेवालेलक्षण को कारक कहा जो अब जीन केनाम सेजाना जाता है। 2. संकर संतान मेंयह कारण अब पररवतगनशील होता है, फलरवरुप अर्लीपीढी मेंवह लक्षण पव ू गवत्प्रकटहोतेहैं। शवशिन्नता एक रपीशीज केववविन्न जीवों मेंशारीररक अविकल्प और डी ० एन० ए० मेंअन्तर ववविन्नता कहलाता है।ऐसी ववविन्नताएँएक पीढी सेदस ू री पीढी मेंवंशार्त होती हैं। इसेआनव ुंवशक ववविन्नता िी कहतेहैं। ऐसी ववविन्नताओंमेंक ु छ जन्म केसमय सेप्रकट हो जाती है। जैसेआँखों एवंबालों का रंर्/शारीररक र्ठन, लम्बाई मेंपररवतगन आवद जन्म केबाद की ववविन्नताएँहैं। शवशिन्नता केदो प्रकार • शारीररक कोवशका ववविन्नता • जनन कोवशका ववविन्नता िारीररक कोशिका शवशिन्नता :- • यह शारीररकी कोवशका मेंआती है। • येअर्ली पीढी मेंरथानान्तररत नहीं होते। • जैव ववकास मेंसहायक नहीं है। • इन्हेंउपावजगत लक्षण िी कहा जाता है।
(3) ChemContent अलैंशगक जनन :- अवधकांश जंतओ ु ंमेंप्रजनन की विया केवलए संसेचन (शि ु ाण ु का अडं सेवमलना) अवनवायगहै; परंत ु क ु छ ऐसेिी जंत ुहैंवजनमेंवबना संसचे न केप्रजननहो जाता है, इसको आवनर्षेक जनन या अलैंवर्क जनन (Asexual reproduction) कहतेहैं। अलैंशगक जनन :- • ववविन्नताएँकम होंर्ी • डी.एन.ए. प्रवतकृवत केसमय न्यन ू त्रव ु टयों केकारण उत्पन्नहोती हैं। शवशिन्नता केलाि • प्रकृवत की ववववधता केआधारपर ववविन्नता जीवों को ववविन्न प्रकार केलाि हो सकतेहैं। • उदाहरण :- ऊष्णता को सहन करनेकी छमता वालेजीवपणओ ु ंको अवधक र्मी सेबचनेकी संिावना अवधक होतीहै। • पयागवरण कारकों द्वारा उत्तम पररवतगका चयन जैव ववकास प्रिम का आधार बनाता है। मेंडल का योगदान मेंडल नेवंशार्वत केक ु छ मख् ु य वनयम प्ररतत ु वकए। मेंडल को आनव ुंवशकी केजनक केनाम सेजाना जाता है। मैंडल नेमटर केपौधेकेअनेक ववपयागसी (ववकल्पी ) लक्षणों का अध्ययन वकया जो रथल ू रूप सेवदखाई देतेहैं।उदाहरणत :- र्ोल / झर ु ीदार बीज,