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Content text BALARAM-10-1- साखी (कबीर )-Lesson Plan.pdf

1. कबीर - साखी पाठ योजना पाठ का नाम पाठयाां आवशयक कालाां पाठयाां पढानन कन ललए समय सीमा आवशयक सासाधन ववंनष सूचनाऍा साखी (कबीर) उनमखम ीकरण 1  पाठयपमुसक  चार्  डिजजरल (DIKSHA APP, APe pathashala, बाईजूस) उपकरण आडि। उनममखीकरण लचत कन बारन मे चचा,् ंीषक् की घोषणा, नीलस का महतव, कवव पररचय, कबीर का लचत आडि। कावय पाठ (पाठयाां वववरण) 2 िोहो का भाव, राग, साल, यमक सुवर वाचन करना / कराना। ंबिाा-् बोधन 1 िोहो का ववुसारपूवक् वववरण। िोहन पढासन समय कडठन ंबिो का रनखााडकस एवा वववरण। भाव-गहण और रसाुवाि 1 छात भाव गहण कर सकेगन। लघमप्ो कन उतर अपनन ंबिो मे िन सकेगन। लंलप-सौिय् का उदारन 1 नैलसक मूलयो की आवशयकसा समझ सकेगन, िोहन काठुा कर सकेगन, उलचस अवसारो पर लय एवा आरोह-अवरोह कन साा समना सकेगन। योगयसा ववुसार 1 योगयसा ववुसार कन अासगस् डियन गयन 2 काय् कर सकेगन। पररयोजना काय् 1 पररयोजना काय् कन अासगस् डियन गयन 2 काय् कर सकेगन। पच् परीका 1 पच् परीका ली जाएगी। जो बचचन नहीा ललख पायेगन उनकन ललए अगलन डिन परीका ललख सकेगन।
शिल्-सौंदरका उदाघा योगयसा ववुसार & पररयोजना काय् भाव-गहण और रसाुवाि पूव् अवधारणा कौंल : सीखनन की सापालाय्ा : * नैलसक मूलय का अा् कया है ? * छात िोहन गानन की सरीका जान सकेगन। * कमछ पाचीन सास कववयो कन नाम बसाओ। * नैलसक मूलयो की आवशयकासा जान सकेगन। * कबीर नन मधमर वाणी कन बारन मे कया बसाया ? * िोहो का सुवर वाचन कर सकेगन। साा ही भाव अपनन ंबिो मे बोल सकेगन। * ववरह डकसकन समान है ? * ंबिाा् , िोहा छाि आडि कन बारन मे जान सकेगन। * कबीर कन अनमसार पाडिस कौन है ? * अपनन ंबिो मे कबीर कन िोहो का साराां ललख सकेगन। अनमभव एवा लचसा न:  छात िोहो की महानसा कन बारन मे जान सकेगन।  समािर ंबिो मे कबीर कन साजखयो का साराां बोल सकेगन एवा ललख सकेगन।  िोहो को भाव, राग, साल यमक गा सकेगन। ।  कडठन ंबिाा् सन साबालधस अभयास काय् कन बारन मे जानकारी पाा कर सकेगन। उन्मुखककर कवि परिचय दोहो का विश्ले िबंाा-रबोधा म ू लययकॉ क
अधयापक काय् सामूडहक काय् (लंकक एवा छात) छात वयवकगस काय् सासाधन ववषय अवबोध की ज्चा करनन पूछन जानन वालन प्: उनममखीकरण, ववषय पवनं * उनममखीकरण लचत कन बारन मे चचा् करुगा / करुगी। * ंाीषक् की घोषणा करुगा / करुगी। * कमछ पलसस सास कववयो कन लचतो का पिलंस् करुगा / करुगी। * कबीर - साखी पाम 4 िोहो का ववशनषण करुगा। *िोहा राग, भाव, साल यमक गाकर समनाऊुगा / समनाऊुगी। * िोहन - रहीम 5,6,7,8 िोहो का ववशनषण करुगा। *िोहा राग, भाव, साल यमक *उनममखीकरण लचत कन बारन मे चचा् करेगन और प्ो कन जवाब िेगन। *छात कबीर कन बारन मे चचा् करेगन। * छात भाव, राग, साल सन यमक िोहा गा सकेगन। * िोहा कन गलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन कर सकेगन। * सायमकाकरो का ंमिध उचचारण कर सकेगन। * िोहन कन भाव समझ सकेगन। * छात भाव, राग, साल सन यमक िोहा गा सकेगन। छात वैयवकक रप सन कबीर कन बारन मे अधययन कर सकेगन। * छात भाव, राग, साल सन यमक िोहा गायेगन। * िोहा कन गलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन करेगन। * सायमकाकरो का ंमिध उचचारण करेगन। * िोहन कन भाव समझेगन । * छात भाव, राग, साल सन यमक िोहा गायेगन। * िोहा कन गलस, ववराम-लचह, * पाठय पमुसक * पाठय पमुसक सथयातमक प्: लचत मे कौन-कौन है ? आलोचनातमक लचासन जीवन मे मधमर वाणी की आवशयकसा बसाइए? आकलन डकसी एक सास कवव कन बारन मे बोललए। सथयातमक प्: कुसूरी मगृ की नालभ मेकया रहसी है? आलोचनातमक लचासन: हम मे कया नहीा होनी चाडहए। आकलन: कबीर कयो िः म ख सन जागन हम ए है ? सथयातमक प्: ववरह डकसकन समान है ? आलोचनातमक लचासन: हमे लनािा करनन वालन इनसान को हमनंा
गाकर समनाऊुगा / समनाऊुगी। ंबिाा-् बोधन: *िोहो कन सुवर वाचन कन दारा मूल भाव ुपप हो जानन कन बाि ंबिाा् बसाऊुगा / बसाऊुगी। *सनलमगमकन कवव वनमना की ंसक कन बारन मे बसाऊुगा / बसाऊुगी। भाव-गहण और रसाुवाि * िोहो कन भाव समझाऊुगा / समझाऊुगी। *पाठ का रसाुवाि कराऊुगा / कराऊुगी। *िोहा छाि कन बारन मे बसाऊुगा / बसाऊुगी। * अलाकार एवा ंैली कन बारन मे बसाऊुगा / बसाऊुगी। * िोहा कन गलस, ववराम-लचह, माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन कर सकेगन। * सायमकाकरो का ंमिध उचचारण कर सकेगन। * िोहन कन भाव समझ सकेगन। * िोहो का सुवर वाचान कर सकेगन। *िोहो का मूल भाव समझ सकेगन। * कडठन ंबिो को रनखााडकस करकन चचा् करेगन। *वनमना जी कन ंसक कन बारन मे जान सकेगन। माता साा समक पर धयान िनसन हम ए िोहो का सुवर वाचन करेगन। * सायमकाकरो का ंमिध उचचारण करेगन। * िोहन कन भाव समझेगन । * िोहो का सुवर वाचान करेगन। *िोहो का मूल भाव समझेगन। * कडठन ंबिो को रनखााडकस करकन अा् जानेगन। *वनमना जी कन ंसक कन बारन मे जानेगन। पाठय पमुसक पाठय पमुसक कह् रखना चाडहए ? आकलन: कबीर कन अनमसार सचचा जान पाा करनन कन ललए, हमे कया तयाग करना होगा।? ‘ बाुणी ’ ंबि का अा् कया है ? ‘ आपणाु’ ंबि का अा् कया है ? िज म खया िास कबीर है, जागैअर रोवै। पावकयो का भाव ुपप कीजजए।

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