Content text 4. संस्थाओं का कामकाज.pdf
सामाजिक विज्ञान (नागरिक शास्त्र) अध्याय-4: संस्थाओंका कामकाज
(1) 04 संस्त्थाओं का कामकाि प्रमुख नीतिगि फै सलेकै सेललए जािेहै:- ➢ लोकतन्त्र मेंजब जनता शासकों का चुनाव करती हैतो येचुनेउसेशासक संस्थाओं के माध्यम सेशासन का संचालन करतेहै। ➢ संववधान के द्वारा शासन के मूल्यों के ननधाारण के साथ संस्थाओंके कायों और संस्थाओंकी कायासीमा का भी ननधाारण ककया जाता है। एक सरकारी आदेश:- ➢ 1/ August 1990 को भारत सरकार द्वारा जारी आदेश इसेकायाालय ज्ञापन कहा गया। ➢ इनका O.M. नम्बर – 36012/31/90 ➢ जजस पर कार्ममक जनजशकायत और पेंशन मन्त्रालय के कार्ममक एवंप्रजशक्षण ववभाग के एक संयुक्त सचचव के हस्ताक्षर है। ➢ इस सरकारी आदेश मेंप्रमुख नीनतगत फै सलों की घोषणा की गई। ➢ भारत सरकार के सरकारी पदों और सेवाओंमेंसामाजजक एवं शैजक्षक दृष्टि सेपपछडेवगों (SEBC) के जलए 27 % स्थान आरजक्षत ककया गये। ➢ अब तक आरक्षण SC .. S.T. को ही कदया जा रहा था अब आरक्षण के जलए तीसरी श्रेणी तैयार की जा रही थी। एक सरकारी आदेश कै सेबना:- ➢ यह सरकारी आदेश लम्बेघटना क्रम का पररणाम था। ➢ भारत सरकार द्वारा 1979 मेंदूसरा पपछडी जानत आयोग गठित ककया गया जजसकी अध्यक्षता वी.पी. मंडल (ववदेश्वरी प्रसाद मण्डल) नेकी इसी कारण इसेमंडल आयोग कहतेहै। ➢ पहला आयोग 1953 मेंकालेलकर की अध्यक्षता मेंगठित ककया गया। ➢ मंडल आयोग नेअपनी ससफाररशें1980 मेंप्रस्तुत की। ➢ जजसमेंप्रमुख थी सरकारी नौकररयों मेंसामाजजक, और शैजक्षक दृष्टि सेपपछडेवगों का 27 फीसदी आरक्षण देना। ➢ इस ररपोटाऔर इसकी ससफाररशो की चचाासंसद मेंहुई।
(2) 04 संस्त्थाओं का कामकाि ➢ 1989 के लोकसभा चुनावों मेंजनता पाटीीनेअपनेचुनावी घोषणा पत्र मेंइस ररपोटामेंइस ससफाररशों को लागुकरवाना शाचमल ककया है। ➢ चुनाव के बाद जनता पाटीीकी सरकार बनी। वी.पी. ससिंह प्रधानमंत्री बने। ➢ नयी सरकार मेंचुनावी वायदा पुरा करनेके क्रम मेंरािरपनत के अचभभाषण मेंमंडल ररपोटा को लागूकरनेकी घोषणा की। ➢ वी.पी. ससिंह नेअगलेकदन संसद के दोनों सदनों को सुचचत ककया। ➢ कै नबनेट के फै सलेको कार्ममक एवं प्रजशक्षण ववभाग को भेज कदया गया। कै नबनेट के फै सले के ववभाग के अचधकाररयों नेआदेश तैयार ककया। ➢ संबंचधत मंत्री की स्वीकृ नत के पश्चात अचधकारी के हस्ताक्षर पश्चात आदेश जारी हो गया। ➢ इस तरह 13 Aughst 1990 को O.M. Number 36012/31/90 तैयार हो गया। अन्य पिछडी जाति आयोग:- ➢ 1979 मेंगठित। ➢ अध्यक्ष – बी . पी . मंडल। ➢ 8 ससतम्बर 1993 मेंपूरी तरह लागू। संस्था:- नागररको की आधारभूत सुववधाएँ- जशक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और ववकास, कल्याण परक सुववधाएँ नागररकों को प्रदान करनेवाली व्यवस्थाओंको ही संस्था/ संस्थाएँकहा जाता है। संसद:- ➢ भारत मेंननवााचचत सदस्यों की रािरीय सभा को संसद व राज्य स्तर पर इसेववधानसभा कहते हैं। ➢ संसद एक ऐसा मंच हैजहाँपर नागररकों के द्वारा चुनेहुए प्रनतननचध कानून/ ववचध ननमााण का कायाकरतेहैं।
(3) 04 संस्त्थाओं का कामकाि संसद के दो सदन होिेहैं:- 1. लोकसभा 2. राज्य सभा संसद का सदस्य चुनेजानेके ललए अननवायययोग्यिाएं:- ➢ भारत का नागररक हो। ➢ सरकार के अंतगात ककसी लाभप्रद पद पर कायारत न हो। ➢ कदवाजलया या सजायाफ्ता न हो। संसद के राजनैतिक अधिकार:- ➢ कानून बनाने, संशोधन करनेतथा पुरानेकानून की जगह नयेकानून बनानेका अचधकार। ➢ सरकार चलानेवालों को ननयंष्टत्रत करनेका अचधकार। ➢ सरकार के हर पैसेपर ननयंत्रण का अचधकार। ➢ सावाजननक मामलों व रािरीय नीनत पर चचााका अचधकार। लोकसभा; (हाउस ऑफ िीिल – लोअर हाउस):-
(4) 04 संस्त्थाओं का कामकाि लोकसभा मेंजनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप सेचुनेहुए प्रनतननचध होतेहैं। इसका अध्यक्ष लोकसभा का सदस्य होता हैजो स्पीकर कहलाता है। इसके सदस्यों की संख्या 543 + 2 होती है। (2 सदस्य रािरपनत मनोनीत करता है। ➢ सदस्यों का चुनाव लोगों द्वारा प्रत्यक्ष रुप सेहोता है। ➢ सदस्य अचधक होनेके कारण ववचारों को प्राथचमकता चमलनेकी संभावना। ➢ पैसेके मामलेमेंअचधक अचधकार। ➢ मंष्टत्रपररषद पर ननयंत्रण ➢ अचधकतर मामलों मेंसवोच्च अचधकार राज्यसभा:- (काउं ससल ऑफ स्टेट्स – अप्पर हाउस):- राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप सेचुनेजातेहैं, इसका अध्यक्ष उपरािरपनत होता है। इसके सदस्यों की कु ल संख्या 250 हैजजन मेंसे12 सदस्य रािरपनत द्वारा मनोनीत ककए जातेहैं। ➢ सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप सेहोता है। ➢ सदस्य कम होनेके कारण ववचारों को प्राथचमकता न चमलनेकी संभावना। ➢ पैसेके मामलेमेंकम अचधकार। ➢ मंष्टत्रपररषद पर सीधा ननयंत्रण नहीं ➢ राज्यों के सम्बन्ध मेंववशेष अचधकार लोकसभा और राज्यसभा मेंअंिर:-