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गणित अध्याय-12: रैखिक प्रोग्रामन
(1) 12 रैखिक प्रोग्रामन भूममका (Introduction) इस अध्याय मेंहम रैखिक असममकाओं, निकाओंका वास्तववक जीवि की समस्याओंको हल करिेमेंप्रयोग करेंगे। उदाहरणार्थ- एक शोरूम मेंकार और मोटरसाइककल के ललए के वल 120 वस्तुओंका स्थाि है। शोरूम के माललक के पास ₹6000,00,00 निवेश करिेकी क्षमता है। .. ___एक कार पर ₹400,000 और मोटर साइककल ₹ 100,000 लागत आती है, शोरूम माललक एक कार पर ₹ 25,000 और एक मोटर साइककल पर ₹ 5,000 लाभ के रूप मेंकमािा चाहता है। वह ककतिी कार और ककतिी मोटरसाइककल पर निवेश करिा चाहता हैताकक उसेअमिकतम लाभ ममल सके । उक्त समस्या के हल के ललए मािा उस शोरूम माललक को x कार और y मोटरसाइककल पर ₹ 6000,00,00 निवेश करिा चाहहए। x ≥ 0, y ≥ 0, x + y ≤ 120 400,000 x + 100,000y ≤ 6000,00,00 लाभ फलि p=25,000x+5,000y उक्त समस्या का असममकाओंका गलितीय रूपान्तरि ककया गया है। रैखिक प्रक्रमि की समस्या अभीष्ट ध्येय प्राप्त करिेके ललए सीममत साििों का दक्षतायुक्त प्रयोग करिेसेसंबंि रिता है। यहााँदो चरों x और y मेंरैखिक प्रक्रमि की समस्याओंकी आिारभूत संकल्पिाओं, इिके अिुप्रयोग, सीमाओंगलितीय रुपान्तरि, लाभ हल की ग्राफीय ववमि का अध्ययि करेंगे। रैखिक प्रोग्रामन (Linear Programming) पररभाषाएँ 1. रैखिक प्रोग्रामन (Linear programming)- कदए गए रैखिक असममकाओं(Linear inquations) लजन्हेंव्यवरोि कहतेहैं, को संतुष्ट करतेहुए एक रैखिक फलि का सवोत्तम वांलित माि (अमिकतम या न्यूितम) ज्ञात करिेका एक ववशेष प्रोग्राम नििाारि करिेकी ववमि रैखिक प्रोग्रामि कहलाती है।
(2) 12 रैखिक प्रोग्रामन 2. रैखिक प्रोग्रामन समस्या (Linear programming problem)- यकद रैखिक फलि जो कक ऋिेत्तर चरों (Nonnegative) के रैखिक असममकाओंके समूह द्वारा नििााररत कु ि प्रनतबन्धों के अन्तगात हो, का सवोत्तम वांलित माि (अमिकतम या न्यूितम) ज्ञात करिेकी समस्या रैखिक प्रोग्रामि समस्या कहलाती है। इसेसंक्षेप मेंL.P.P. (एल.पी.पी.) कहतेहैं। 3. इष्टतमीकरण समस्या (Optimization problem) व्यवहार की ऐसी समस्या लजसमेंएक रैखिक फलि का रैखिक असममकाओंको संतुष्ट करतेहुए सवोत्तम वांलित (इष्टतमीकरि) (अमिकतमीकरि या न्यूितमीकरि) होता है, इष्टतमीकरि कहलाती है। 4. उद्देश्य फलन (Objective function)- ऐसेरैखिक फलि लजसका अमिकतमीकरि या न्यूितमीकरि (इष्टतमीकरि) ककया जाता है, रैखिक उद्देश्य फलि कहलाता है। 5. सुसंगत या हल क्षेत्र (Feasible region)- रैखिक प्रोग्रामि समस्या के सभी व्यवरोिों ऋिेत्तर चरों के व्यवरोिों सहहत, नििााररत उभयनिष्ठ क्षेत्र समस्या का सुसंगत क्षेत्र या हल क्षेत्र कहलाता है। उदाहरणार्थ 2x + 3y ≤ 1818; 2x + y ≤ 10; x ≥ 0, y ≥ 0 उक्त ग्राफीय निरूपि मेंिायांककत क्षेत्र सुसंगत क्षेत्र या हल क्षेत्र कदिाया गया है। रैखिक प्रोग्रामि समस्या का हल [Solution of LPP (Linear programming problem)]- रैखिक प्रोग्रामि समस्या के कदए गए व्यवरोिों को संतुष्ट करिेवालेचरों के माि का समूह (समुच्चय) रैखिक प्रोग्रामि समस्या का हल होता है। टीप-उद्देश्य फलि, व्यवरोिों और ऋिेत्तर व्यवरोिों का समूह (समुच्चय) रैखिक प्रोग्रामि समस्या बिातेहैं।
(3) 12 रैखिक प्रोग्रामन रेिीय कायथ-योजना का अर्थएवं उसका महत्व(Meaning of Linear Programming and its Significance) काया-योजिा का सामान्य अर्ाहोता है, व्यक्तक्त अर्वा फमाद्वारा उत्पादि, ववक्रय अर्वा अन्य ऐसेही कायों की रूपरेिा तैयार करिा लजससेउपलब्ध साििों का सक्षम एवं ममतव्ययी उपयोग हो सके । उपलब्ध सािि सीममत होतेहैंतर्ा उिके प्रयोग करिेकी दशायेंभी सीममत होती हैं। उिके अिुकू लतम ढंग सेप्रयोग को अपिािेके ललए पूवामेंकोई ववलशष्ट प्रववमि िहींर्ी। रेिीय काया-योजिा वह गलितीय प्रववमि हैलजसके द्वारा सीममत एवं ववशेष दशाओंसेसंसाििों, जैसे-िि, वस्तु, जगह, समय तर्ा श्रम का अिुकू लतम उपयोग करके ववलशष्ट उद्देश्य को प्राप्त ककया जा सकता है। उद्देश्य फलन (Objective Function) लजस रेिीय फलि (जैसे-P=25x+20y) का अिुकू लतम माि प्राप्त ककया जािा हैउसेही उद्देश्य फलि कहतेहैं। अनुकू लतमीकरण (Optimization) उददेश्य फलि के ववमभन्न रूपों (जैसे-लाभ फलि, लागत फलि, पररवहि व्यय फलि आकद) को अमिकतम या न्यूितम ककया जािा होता है। यह उद्देश्य फलि की प्रकृ नत पर निभार करता है। लाभ फलि को अमिकतम तर्ा लागत फलि, पररवहि व्यय फलि को न्यूितम ककया जािा होता है। इस प्रकक्रया को ही अिुकू लतमीकरि या इष्टतमीकरि कहतेहैं।
(4) 12 रैखिक प्रोग्रामन रेिीय प्रततबन्ध या व्यवरोध (Linear Constraints) उद्देश्य फलि के अिुकू लतम माि लजि प्रनतबन्धों के अन्तगात ज्ञात ककयेजािेहोतेहैं, उन्हें प्रनतबन्ध या व्यवरोि कहतेहैं। येएकघातीय व्यंजकों तर्ा सम्बन्ध मचह्न ≥, ≤, <, =, > के द्वारा दशाायेजातेहैं। एकघातीय होिेके कारि इन्हेंरेिीय प्रनतबन्ध कहतेहैं। येZ = ax + by के रूप मेंहोतेहैं। अऋणात्मक प्रततबन्ध (Non-negative Constraints) चरों के माि ककसी भी दशा मेंऋिात्मक िहींहोतेहैं। वेशून्य अर्वा ििात्मक ही हो सकतेहैं। इसेx ≥ 0; y ≥ 0 सेदशाातेहैं। संभाव्य हल (Feasible Solution) चरों के मािों का ऐसा समुच्चय जो सभी प्रनतबन्धों तर्ा अऋिात्मक प्रनतबन्ध को सन्तुष्ट करता है, एक सम्भाव्य हल कहलाता है। संभाव्य हल के उपसमुच्चयों के रूप मेंउद्देश्य फलि के अमिकतम अर्वा न्यूितम माि देिेवालेसमुच्चय होतेहैंजो रेिीय कायायोजिा समस्या के अिुकू ल हल कहलातेहैं। अिकल हल प्राप्त करिेकी ववमभन्न ववमियााँहैंलजिमेंसेग्राफीय । ववमि का विाि आगेककया जायेगा। L.P.P.के गणणतीय सूत्र की तवधध (Methodof Mathematical Formulation of L.P.P.) निम्नललखित क्रममक पदों सेL.P.P. (Linear Program__ming Problem) का गलितीय सूत्र ज्ञात ककया जाता है पद 1. अज्ञात रालशयााँकौि-सी हैं? उन्हेंx,y सेनिरूपपत करतेहैं। पद 2.x,y पर लागूहोिेवालेप्रनतबन्धों को प्रश्न मेंदी गई जािकारी के अिुसार रेिीय असमीकरिों के द्वारा व्यक्त करतेहैं। पद 3. उद्देश्य फलि को कदयेगयेचरों के रैखिक फलि के रूप मेंव्यक्त करतेहैं। पद 4. उद्देश्य फलि के इष्टतम माि को प्राप्त करिेके ललए अऋिात्मक प्रनतबन्ध सहहत सभी रेिीय प्रनतबन्धों को एक सार् ललितेहैं।