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हमारेसाथ जड़ु कर घर बठैेअपनी PDF शेयर कर या हमारेस्टोर सेही शेयर कर eProduct से60% तक नहस्सा पाए All Other PDF Uploaded On Our Site – learnwithkkk4.com करना था। योिना मेंमानव संसाधन, ग्रामीण कवकास, बकुनयादी ढांचे, कशक्षा, और स्वास््य क्षेत्रपर कवशेषध्यान कदया गया। यह योिना गरीबों केकल्याण, रोिगार सिृ न, और समग्र सामाकिक कवकास केकलए कवशेष कायतक्रमों पर िोर देती थी। दसवीं योिना मेंरोिगार केअवसर बढानेकेकलए रोिगार सिृ न कायतक्रमों को बढावा कदया गया, और इसमेंग्रामीण कवकास को प्राथकमकता दी गई। इसकेअलावा, योिना मेंपयातवरण संरक्षण और सतत कवकास की कदशा मेंकईउपायों की घोषणा की गई। योिना का उद्देश्य सामाकिक समरसता और न्यायसंगत कवकास था, ताकक भारत मेंअकधक सेअकधक लोग इस कवकास केलाभ सेिडु सकें । प्र. 5 िारत केस्वतंत्रता आंदोिन मेंमनहिाओंकी िनूमका बताइए। उत्तर - भारत केस्वतंत्रता आंदोलन मेंमकहलाओंका योगदान अत्यकधक महत्वपणूतथा। भारतीय मकहलाओंनेसंघषों मेंभाग कलया, आंदोलनों को प्रेररत ककया और अपनेपरुुष साकथयों केसाथ कंधेसेकंधा कमलाकर किकटश साम्राज्य केकखलाफ संघषतककया। रानी लक्ष्मी बाई, दगुातवती, कांदमेाल, कस्तरूबा गांधी, सरोकिनी नायडू, और कवियलक्ष्मी पंकडत िैसी महान मकहला नेताओंने स्वतंत्रता संग्राम मेंअपनी प्रमुख भकूमका कनभाई। मकहला स्वतंत्रता सेनाकनयों नेन के वल रािनीकतक स्तर पर बकल्क समाकिक स्तर पर भी बदलाव की कदशा मेंकाम ककया। उन्होंनेमहात्मा गांधी केनेतत्ृव मेंअसहमकत, असहमकत आंदोलन, और नमक सत्याग्रह िैसेआंदोलनों मेंसकक्रय रूप सेभाग कलया। मकहलाओंनेकिकटश शासन केकखलाफ कई बार संघषों की अगवुाई की और सशस्त्र प्रकतरोध मेंभी भाग कलया। स्वतंत्रता संग्राम मेंमकहलाओंकी भकूमका नेभारतीय समाि की मानकसकता को बदलने मेंमहत्वपणूतभकूमका कनभाई और यह कदखाया कक मकहलाएंभी देश केकलए बडेबदलावों का कहस्सा बन सकती हैं। Section C प्र. 8 हररत क्ांनत पर नटप्पणी निनखए। उत्तर - हररत क्रांकत एक कृकष सधुार आंदोलन था, किसेभारत में1960 केदशक मेंशरूु ककया गया था। इसका उद्देश्य खाद्य उत्पादन में वकृि करना और देश को खाद्य सरुक्षा प्रदान करना था। हररत क्रांकत की शरुुआत वैज्ञाकनकों द्वारा कवककसत उच्च उत्पन्न करने वाली ककस्मों (HYV) केबीिों, रासायकनक उवतरकों, और आधकुनक कसंचाई कवकधयों केउपयोग सेकी गई। इसका मुख्य उद्देश्य कृकषउत्पादन को बढाना था, ताकक भारत मेंखाद्य संकट को हल ककया िा सके । हररत क्रांकत का सबसेबडा लाभ यह था कक इसनेभारतीय कृकष को उच्च तकनीकी और वैज्ञाकनक दृकिकोण सेिोड कदया। इसने कृकषउत्पादन को एक नई कदशा दी और भारत मेंगेह , ं चावल, मक्का िैसेअनािों की उपि मेंबहुत वकृि हुई। पंिाब, हररयाणा,