Content text 10-Lesson 5-तोप (वीरेन डंगवाल)-Study Material.pdf
Study Material Prepared By: M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI) WEST GODAVARI DISTRICT-9491577669 1 पाठ प्रव చిహ్ మరివారసత్ ర్ం ాక్. ఒకట, మన దే్ మరిరమా్యకక పుసన వాజయా మన్చూడ్ లే త్లుసూ్ ేతు త్లుసవ మరిమరకట మనపూతు్ ఎపం ఏ సప్ చేస, ేా ఫలస్ం దే్ంా అసక సు్ బా మరిఅణచిసా భరిస తీ్ం నష్టజమ తలలియవ. పలసస పా్ం ఇటస్ట ర్ం చిహ్ గర్చ సర్్ించనవ. ఈస్్చజక్పె ఒకపం వ్పా్ చజయస ఉద్ే్్్ భాసదదాశ సచ్్ిా పా్ గుస చలస్త. భాసదే్ ేాా (ఈస్్చజ క్పె) ేతవా్చ్త, కెఆ ప్లం క్పె మన పయుుు్త. అత (ఈస్్చజక్పె) కాహ ్డయా ారర్చత మరికాహ ఫా్గయాకూ సజు చస్త. మళ్ఈ దదాశ విశస కయంయస కయా ేకా్ చలుస్ుు ంలల్రన ధా్స్వయా (దే భుసయా) ఆ ఫా్గ్ హసము్్. కె మనపూతు్ ఆ ేశసా ాిరల్చ సో సచ్్త. ఫా్ంా ాూతా్్ చదు. ఇప్టటి ఈ చిహయ పు్ మన్ గుస్తువల అ్ట భవష్వసం మర ఇసా ర్ర్కూ ఇకకూ ాయలుకుకూిా, ఎసర ఉద్ద్ (వదదియ) బాలసా, మన గ్ంం్ ంజ్ ఇ్క పచ్ం ఉిహలా మళ్అద ఆిే్ ఏా్ంవ్ిా గుస్తువల. చసరశ వర ఫా్ంకూ ఈ పా్ంా ఫా్ం్ రమననన ప్ాిాహ అ్త్చనప్ట్... To Get All CLASSES HINDI LESSON PLANS, STUDY MATERIALS, MODEL PAPERS AND PRACTICE PAPERS follow us on what’s app group https://chat.whatsapp.com/Fv5DOmBa7J45cm4vBE2sPQ Please give your valuable FEEDBACK https://forms.gle/YZjMb7YtYUPZ6v5T8 तोप
Study Material Prepared By: M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI) WEST GODAVARI DISTRICT-9491577669 2 कंपनी बाग कर मुहानर पर धर रखी गई हैयह 1857 की तोप इसकी होती हैबड़ी समहाा, बबरासत मे ममार कंपनी बाग की तरह साा मे चमकाई जाता है दो बार। शब्दार: मुहानर– प्रव दार पर, धर रखी – रखीगई, समहाा – दरखभाा, ब्रासत – पू्् पीढ़यय सरपार ्सतुुए, साा - ्र,् बरस प्ररस पंक्ति कद केंदत भदवः सन1्857 कर प्म स्तंंता संगाम मेइसतरमाा की गई तोप का ्रन् हुआ है। वतदातद: पसतुत पंब्यय मे कब् कहतरहैढक सन्1857 की तोप आज कंपनी बाग कर प्रव दार पर रखी गई है।(ईस् इंढिया कंपनी दारा मनममत् बाग जो कोाकता मे है) इसकी बहुत दरखभाा की जाती है। यह कंपनी बाग और तोप भी हमेअंगरजय सरही ब्रासत मेममाी है। जजस तरह कंपनी बाग की साा मेदो बार अच्रसरदरखररख की जाती हैउसी तरह इस तोप को भी साा मेदो बार चमकाया जाता है।(15 अगसत और 26 जन्री) सुबह-वाम कंपनी बाग मे आतर हैबहुत सर सैाानी उनहे बताती हैयह तोप ढक मैबड़ी जबर उड़ा ढदु ्र मैनर अच्र-अच्र सुरमाओं कर धजजर अपनर जमानर मे शब्दार: सैाानी – दवन् ीय स्ाय पर आनर्ाारयांी, जबर – ताकत्र, वब्वााी, सुरमाओं – ्ीर, धजजे – मच्ड़र-मच्ड़रकरना, प्ररस पंक्ति कद केंदत भदवः तोप अपनी पयोग कर बारर मे बता रहा है। वतदातद: कब् कहतरहैढक कंपनी कर बाग मेघूमनरकरमाु सुबह और वाम को बहुत साररवयब् आतरहै। तब यह तोप उनहेअपनरबाररमेबताती हैढक मैअपनरजमानरमेबहुत वब्वााी ्ी। मैनरअच्र-अच्र ्ीरय कर मच्ड़रउड़ा ढदु ्र।
Study Material Prepared By: M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI) WEST GODAVARI DISTRICT-9491577669 3 अब तो बहरहाा ्ो्र ाड़का की घुड़स्ारी सर अगर यह फाारग हो तो उसकर ऊपर बैठकर मचढड़याएही अकसर करती हैगपवप कभी-कभी वैतानी मे ्र इसकर भीतर भी घुस जाती है खास कर गौरैये ्र बताती है ढक दरअसा ढकतनी भी बड़ी हो तोप ुक ढदन तो होना ही है उसका मु एह बंद। शब्दार: बहरहाा – बुरीजस्मत, फाारग – मु्, खााी, गपवप - समय का्नर की बात, अकसर - हमरवा, दरअसा - ्ासत् मे प्ररस पंक्ति कद केंदत भदवः बुराई को ढहममत और हयसाय कर सहाररखतम करनर का संदरव दर रहर है। वतदातद: कब् कहतरहैढक अब तोप की जस्मत बहुत बुरी है। ्ो्रबचचरइस पर बैठकर घुड़ स्ारी का खरा खरातरहै। जब तोप बचचय सरमु् हो जाती हैतब मचढड़याएइस पर बैठ कर आपस मेगपप करती है। कभी-कभी मचढड़याएख़ास तौर पर गौररयरतोप कर भीतर घुस जाती है। इससर महसूस होता हैढक कोई ढकतना भी अतयाचारी और कूर कयय न हो उसका अंत ुक न ुक ढदन जरर होना है। (क) किमिकलकखर प्ि केउत् ्दकिए- 1. ब्रासत मे ममाी चीजय की बड़ी सएभाा कयय होती है? सपप कीजजु। ज्ाब) ब्रासत मे ममाी चीजे हमारर माु धरोहर कर समान है। इससर अपनर दरव और समाज की पाचीन उपाज्धयय का जान होता है। उस समय की पारजस्मतयय की जानकारी दरतर हुु आज का ढदवा-मनद्व भी दरती है। आधुमनक यु्ा अपनर पू्ज् य की अनुभ् सर बहुत कु् सीख सकता है। इसी उदरदय सर ब्रासत मे ममाी चीजय को संभााक रखा जाता है। 2. इस कब्ता सर आपको तोप कर ब्रय मे कया जानकारी ममाती है ? ज्ाब) तोप कब्ता सन्1857 कर प्म स्तंंता संगाम कर समय अंगरजी सरना दारा पयोग की गई ्ी। यर तोप हमारर दरव कर असंखय वूर-्ीरय को मार िााा ्ा। उन ढदन कई ाोगय
Study Material Prepared By: M.V.V.N.BALARAMAMURTHY, S.A.(HINDI) WEST GODAVARI DISTRICT-9491577669 4 का वहीद करनर ्ााा तोप आज ुक पदवन् ्सतुकी तरह रह गयी। सर दरखकर अब कोई नहीं िरता है। बज्क इसकर ऊपर बैठकर घुड़स्ारी खरा भी खरानर ाग रहा है। यर ही नहीं मचढड़या इसकर अंदर घयसाा भी बनाती है। इससर हमे यह जान होता है ढक कोई भजी जजतनी वब्वााी कयय न हो ुक-न-ुक ढदन उसर धरावयी होना ही पिता है। 3. कंपनी बाग मे रखी तोप कया सीख दरती है? ज्ाब)कंपनी बाग मे रखी तोप सुबह-वाम बाग मे आनर ्ाार सैाामनयय को यह सीख दरती है ढक “ मैबहुत बहादरु हूए। जबरदसत हूए। यदबप वुर मे मररा पयोग दरदभ्य कर ब्रु ढकया गया और मैनर इसर बरमन सर स्ीकार भी ढकया। ारढकन बाद मे मररा जी्न धनय हो गया। जब मैनर अपनर जमानर मे बड़र-बड़र बहादरु अंगरजय की धजजजयाएउड़ाई ्ी, अ्ात् ्उनहे नाकय चनर चढ्ा कर उनहे उनकी कुढ्ा कू्नीमत का सबक मसखाया ्ा।” 4. कब्ता मे तोप को दो बार चमकानर की बात की गई है। यर दो अ्सर कौन-सर हयगर ? ज्ाब) कब्ता मे जजन दो अ्सरे पर तोप को चमकानर की बात की गई है। ्र हैं- * 15 अगसत (स्तंंता ढद्स) * 26 जन्री (गरतंं ढद्स) यर दोनय मतम्याएहमारर दरव कर माु ऐमतहामसक ढद्स की पतीक है। इनहे हम राषीय प्् कर रप मे मनातर है। इन दो प्् मे तोप को समकाया जाता है। तो हमारर वहीदय का पतीक है। आजादी का पतीक है। इसमाु इससर राषीय महत् दी गई है। इस तोप को चमकाकर पदवन् करनर पर ाोगय मे राषीयता की भा्ना को ब़ा्ा ममा सकता है। इसी उदरदय मे ्ीरय की याद तोप दारा दी जा रही है।