PDF Google Drive Downloader v1.1


Report a problem

Content text 1. परिमेय संख्याएं.pdf

गणित अध्याय-1: परिमेय संख्याएं
(1) 01 परिमेय संख्याएं परिमेय संख्या किसेिहतेहैं- (Parimey Sankhya) परिमेय संख्या की परिभाषा औि परिमेय संख्या ककसेकहतेहैंको बताने सेपहलेआपको यह स्पष्ट कि देंकक p/q मेंयकद q का मान 0 होगा तो यह संख्या कभी भी 0 नह ं हो सकती है. परिमेय संख्या िी परिभाषा एक पूर्ााक सेदूसिेपूर्ााक मेंभाग देनेके पश्चात जो न्यूनतम संख्या प्राप्त होती हैउसे ह परिमेय संख्या कहा जाता है. हम परिमेय संख्या की परिभाषा को इस प्रकाि भी परिभाषषत कि सकतेहैं. वह संख्या जजसेअंश औि हि के रूप मेंअर्ाात p q के रूप में व्यक्त ककया जा सकता है,उसेहम परिमेय संख्या कहतेहैं. परिमेय संख्या िे प्रिाि जजस प्रकाि संख्या धनात्मक औि ऋर्ात्रामक हो सकती है, उसी के आधाि पि परिमेय संख्या को भी दो भागों मेंबांटा जा सकता है. 1. धनात्मक परिमेय संख्या 2. ऋर्ात्मक परिमेय संख्या धनात्मि परिमेय संख्या िी परिभाषा- वह परिमेय संख्या जजसके अंश औि हि दोनों ह धनात्मक होतेहैं, उस परिमेय संख्या को धनात्मक परिमेय संख्या कहा जाता है. जजस प्रकाि हम उपययाक्त पंक्तक्तयों मेंपढ़ चयके हैंकक परिमेय संख्या को अंश औि हि के रूप में जलखा जा सकता है, उसी प्रकाि ह धनात्मक परिमेय संख्या भी अंश औि हि के रूप मेंह होगी. बस यहां पि यह नई शताजयड़ जाती हैकक दोनों संख्यायें अंश औि हि धनात्मक होनी चाहहए.
(2) 01 परिमेय संख्याएं ऋणात्मि परिमेय संख्या िी परिभाषा- वह परिमेय संख्या जो अंश औि हि के रूप मेंव्यक्त की जा सकती हैऔि उसमेंसेकोई एक या तो अंश या किि हि ऋर्ात्मक होतेहैंतो उस परिमेय संख्या को ऋर्ात्मक संख्या कहा जाता है. परिमेय संख्या िा सूत्र आपको बता देंपरिमेय शब्द की उत्पजि पद शब्द सेहुई है, जजसका शाब्दब्दक अर्ाअनयपात होता है औि आपको पता होगा 3:4 को 3⁄4 भी जलखा जा सकता है. यहां पि तीन औि दो दोनों प्राकृ ततक संख्याएं हैं. इसी प्रकाि प्राकृ ततक संख्याओंको एक सूत्र के द्वािा व्यक्त किेंतो परिमेय संख्या = p q यहां पि भी औि p औि q दोनों पूर्ाांक हैंलेककन यहां पि जजस q का उपयोग हि के रूप मेंककया गया है, इसका मान कभी भी 0 नह ंहो सकता है. उदाहिर् के रूप मेंदेखेतो P = 3 Q = 2 तो इसेपरिमेय संख्या के रूप मेंकय छ इस प्रकाि जलखा जा सकता है P Q = 3 2 नोट– सभी भभन्न संख्याएं परिमेय संख्याएं होती हैं,औि सार् ह दशमलव मेंजजन संख्याओंको व्यक्त ककया जाता है, वह संख्याएं भी परिमेय संख्या होती है, आइयेउदाहिर् सेआप को समझाते हैं. 5 4 एक भभन्न संख्या हैऔि इसेअंश औि हि के रूप मेंजलखा गया है, औि परिमेय संख्या होनेकी यह शताहै, कक परिमेय संख्या अंश औि हि के रूप मेंजलखी जाती हैइसजलए सभी भभन्न संख्याएं परिमेय संख्याएं होती हैं.
(3) 01 परिमेय संख्याएं .5 को हम कय छ इस प्रकाि भी जलख सकतेहैं5 10 इसीजलए कहा जाता हैकक जजतनी भी दशमलव संख्याएं होती हैंवह सभी परिमेय संख्याएं होती है. आइए अब आपको समतयल्य परिमेय संख्या के बािेमेंबता देतेहैं समतुल्य परिमेय संख्या या तुल्य परिमेय संख्या किसेिहतेहैं एक परिमेय संख्या को हम अलग अलग अंश औि हि का प्रयोग कितेहुए जलख सकतेहैं. आइए समतयल्य परिमेय संख्या को को उदाहिर् सेसमझनेकी कोजशश कितेहैं. जैसे2 3 को 4 6 भी जलखा जा सकता है. इसी प्रकाि 2 3 को 8 12 भी जलखा जा सकता है परिमेय संख्याओ ंिा गुण- • दो परिमेय संख्याओंको जोड़ने, घटाने, गयना, या भाग किनेपि पि हमेशा एक परिमेय संख्या ह प्राप्त होती है. • ककसी भी परिमेय संख्या के अंश औि हि मेंककसी एक ह यानी कक ककसी बिाबि संख्या से गयर्ा या किि भाग ककया जाए तो प्राप्त होनेवाली संख्या हमेशा परिमेय संख्या होती है. इसे ह तयल्य परिमेय संख्या कहा जा सकता है. • हमेशा परिमेय संख्याओंका योगिल औि गयर्निल क्रमववतनमेय साहचयाहोती है. • परिमेय संख्या को अंश औि हि के रूप मेंजलखा जा सकता है. • परिमेय संख्याएं ऋर् आत्मक औि धनात्मक दोनों प्रकाि की हो सकती है. • संख्या 0 ना तो एक धनात्मक संख्या हैऔि ना ह ऋर् आत्मक परिमेय संख्या है. • ककसी भी दो परिमेय संख्या के बीच असीभमत यानी कक असंख्य परिमेय संख्याएं हो सकती हैं. अक्सि पूछेजानेवालेप्रश्न परिमेय संख्या िो िै सेपहचाने
(4) 01 परिमेय संख्याएं वह संख्या जो P q के रूप मेंअर्ाात अंश औि हि के रूप मेंजलखी जा सकती हैंवह सभी संख्याएं परिमेय संख्या होती हैंइसी के आधाि पि आप आसानी सेसमझ सकतेहैंकक कौन सी संख्या परिमेय संख्या हैऔि कौन सेनह ं. परिमेय संख्या कितनी है. ककसी भी परिमेय संख्याओंको दो भागों मेंबांटा जा सकता है, जजसमेंपहलेभाग को धनात्मक परिमेय संख्या कहतेहैंऔि दूसिेभाग को ऋर्ात्मक परिमेय संख्या कहतेहैं. परिमेय संख्या का उदाहिर् क्या है 1, .5 , 3⁄5 आकद परिमेय संख्याओंका उदाहिर् हैं. परिमेय औि अपरिमेय संख्या क्या है हम परिमेय संख्याओंको अंश औि हि के रूप मेंजलख सकतेहैंजबकक अपरिमेय संख्याओंको अंश औि हि के रूप मेंनह ंजलखा जा सकता है. क्या 7 बटा 0 (7/0) परिमेय संख्या है? जैसा कक हमनेशयरुआत मेंह आपको बताया र्ा कक परिमेय संख्याओंकी जो सबसेबड़ी शताहै कक हि कभी भी जीिो नह ं हो सकता औि यहां पि 7/0 मेंहि जीिो हैइसजलए यह संख्या एक परिमेय संख्या नह ंहो सकती है. 0.4 क्या यह परिमेय संख्या होगी जैसा कक 0.4 को 4/10 के रूप मेंभी जलखा जा सकता है, इसजलए कहा जा सकता है0.4 भी एक परिमेय संख्या है. दो परिमेय संख्याओ ंिे बीच कितनी परिमेय संख्या हैहो सिती है जैसा कक हमनेउपययाक्त भाग मेंह आपको बताया हैकक दो परिमेय संख्याओंके बीच मेंअनंत औि असीभमत परिमेय संख्या हो सकती अर्ाात इन दोनों के बीच इतनी परिमेय संख्याएं होंगी ककन को भगना नह ंजा सकता है.

Related document

x
Report download errors
Report content



Download file quality is faulty:
Full name:
Email:
Comment
If you encounter an error, problem, .. or have any questions during the download process, please leave a comment below. Thank you.