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Content text Chapter 10 खानपान की बदलती तसवीर.pdf

हिन्दी अध्याय-10: खानपान की बदलती तस्वीर
(1) खानपान की बदलती तस्वीर 10 -प्रयाग श ु क्ल साराांश खानपान की बदलती तस्वीर लेखक प्रयाग श ु क्ल द्वारा ललखा गया प्रलिद्ध ननबंध हैं। ननबंध का िार क ु छ इि प्रकार है- पपछले 10-15 वर्षों िे हमारी खानपान की िंस्क ृ नत में बड़ा बदलाव है। इडली, डोिा, िांभर, रिम न केवल दक्षिण भारत तक िीलमत न होकर प ूरे देश में प्रलिद्ध हो गया है। इिके िाथ ही ढाबा िंस्क ृ नत भी लगभग परू े देश में फैल च ू की है। आपको कहीं भी रोटी, दाल, िाग प्राप्त हो जाएगा। फास्टफ ूड में बगरग , न ुडल्ि िभी के नाम आज आम हो चक ु े हैं। टू लमनट न ूडल्ि, नमकीन के कई प्रकार घर-घर में जगह बनाते जा रहे हैं। ग ु जराती ढोकला, गाठिया अब देश के कई ठहस्िों में स्वाद लेकर खाया जाता है। बंगाली लमिाइयााँ पहले की तु लना में कई शहरों में उपलब्ध है। स्थानीय व्यंजनों के िाथ ही अन्य प्रदेशों के व्यंजन पकवान भी हर िेत्र में लमलने लगे हैं और मध्यम वगीय जीवन में भोजन पवपवधता में अपनी जगह बना ली है। ब्रेड जो अंग्रजों के राज में के वल िाहब लोगों तक िीलमत थी। वह अब कस्बों तक नाश्ते के रूप में लाखों भारतीय के घरों में आपको देखने के ललए आिानी िे लमल जायेगी। खानपान की बदलती िंस्क ृ नत िे नयी पीढ़ी ज्यादा प्रभापवत है। स्थानीय व्यंजन अब घटकर क ु छ चीजों तक ही िीलमत होकर राह गए हैं। बंबई की पावभाजी हो या ठदल्ली के छोले- क ु लचे की दन ु नया अब िीलमत हो गई है। मथ ुरा के पेडों नमकीन की मााँग कम होती जा रही है। गहृ णणयााँभी उन व्यजं नों में रूचच लेती हैंजो कम िमय में तयै ार हो जाय। शहरी जीवन की भागमभाग और मंहगाई ने भी लोगों को कई चीजों िे वंचचत कर ठदया है। खानपान की मिमित संस्कृ मत का सकारत्मक पक्ष यह है मक िमहलाएँ जल्दी तैयार हो जाने वालेव्यंजन बनाना पसंद करती हैं। स्वतंत्रता के बाद उद्योग-धंधों, नौकररयों-तबादलों का मवस्तार हुआ हैमजसके कारण एक जगह का खानपान दू सरी जगह पहुँचा है। खानपान की मिमित संस्कृ मत ने राष्ट्रीय एकता के बीज भी मवकमसत मकयेहैं। इसके साथ ही उस क्षेत्र की बोली-बानी, भाषा-भूषा आमद को भी स्थान मदया जाना चामहए। आज हि आधुमनकता के चले कई स्थानीय व्यंजनों को छोड़ चुके हैं। पमिि की नकल िेंकई ऐसेचीजों को अपना रहेंहैं जो हिारे अनुकू ल हैही नही ं। खानपान की मिमित संस्कृ मत हिेंकु छ चीजेंचुननेका अवसर
(2) खानपान की बदलती तस्वीर 10 देती है, मजसका लाभ हि उठा पा रहेहैं। अत: हिेंमवकमसत संस्कृ मत को हिेशा जाँचते परखते रहना चामहए
(3) खानपान की बदलती तस्वीर 10 NCERT SOLUTIONS निबांध सेप्रश्न (पृष्ठ सांख्या 105) प्रश्न 1 खानपान की मिश्रित संस्कृ तत से लेखक का क्या ितलब है? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें। उत्तर- खानपान की मिश्रित संस्कृ तत से लेखक का ितलब विमिन्न प्रदेशों के खान-पान के मिश्रित रूप से है। आज हिें एक ही घर िें हिें कई प्रान्तों के खाने देखने के श्रलए मिल जाते हैं। उदाहरण के तौर पर िेरा घर ददल्ली िें है जहााँ पराठे आदद ज्यादा बनते हैं परन्तु खानपान की मिश्रित संस्कृ तत की िजह से साम्भर-डोसा, इडली जो की दश्रिण िारत का प्रिुख िोजन है िो िी बनता है। प्रश्न 2 खानपान िें बदलाि के कौन से फ़ायदे हैं? दिर लेखक इस बदलाि को लेकर म िंततत क्यों है? उत्तर- खानपान िें बदलाि के कई िायदे हैं जैसे हिारी खाने िें रूम बनी रहती है, देश-विदेश के व्यंजन पता लतेहैं, इससेिारत की राष्ट्रीय एकता िी बनी रहती है। साथ ही इससेजल्दी बनने िाले खानों का उपलब्ध होने लगी हैं श्रजससे सिय की िी ब त होती है। हि अपने स्वास्थ्य और स्वाद के अनुसार िी िोजन का यन कर सकते हैं। इन सब िायदों के बािजूद लेखक इसश्रलए म िंततत हैं क्योंदक इसके नुकसान िी हैं जैसे स्थानीय िोजन की लोकप्रप्रयता का कि हो हो रही है साथ ही खाद्य पदाथों िें शुद्धता की किी होती जा रही है। कु छ लोग उन व्यंजनों का प्रयोग अत्यामिक करने लगे हैं जो के िल स्वाद देते हैं परन्तु स्वास्थ्य के श्रलए हातनकारक हैं। प्रश्न 3 खानपान के िािले िें स्थानीयता का क्या अथथ है? उत्तर- खानपान के िािले िें स्थानीयता का अथथ है दक िे व्यंजन जो स्थानीय आिार पर बनते थे। जैसे िुम्बई की पाि-िाजी, ददल्ली के छोले-कु ल े, आगरा के पेठे आदद। निबांध सेआगेप्रश्न (पृष्ठ सांख्या 106-107)
(4) खानपान की बदलती तस्वीर 10 प्रश्न 1 घर िें बात ीत करके पता कीश्रजए दक आपके घर िें क्या ीजें पकती हैं और क्या ीजें बनी-बनाई बाजार से आती हैं? इनिें से बाजार से आनेिाली कौन सी ीजें आपके िााँ-प्रपता जी के ब पन िें घर िें बनती थीं? उत्तर- िैं उत्तर िारतीय तनिासी हैं। हिारे घर िें कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं तथा कई तरह के बाजार से लाया जाता है। घर िें बनने िाली ीजें एिं बाजार से आने िाली ीजों की ताश्रलका नी े दी जा रही है। िमारेघर मेंबििेवाली चीजें बाजार सेआिेवाली चीजें दाल रोटी सब्जी, कडी राजिा- ािल छोले, िटूरे, खीर, हलिा सिोसे जलेबी ब्रेड पकौडे बरफ़ी, आइसक्रीि ढोकला गुलाबजािुन प्रश्न 2 यहााँ खाने, पकाने और स्वाद से संबंमित कु छ शब्द ददए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखखए और इनका िगीीकरण कीश्रजए- उबालना, तलना, िूनना, सेंकना, दाल, िात, रोटी, पापड, आलू, बैंगन, खट्टा, िीठा, तीखा, निकीन, कसैला भोजि कै सेपकाया स्वाद उत्तर- भोजि कै सेपकाया स्वाद दाल उबालना निकीन िात उबालना िीका/ निकीन

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