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(2) Class 9 th (विज्ञान) बल और गति का तियम (iii) समर्ल की सर्ह पर चचकनाई युक्त पिार्त (लुतिकें ट) का उपयोग 2. अभिके न्द्रीय बल (Centripital force): िब कोई वस्तु वृर्ीय पर् पर गतर् करर्ा है र्ो उसके केंद्र सेउस पर एक बल लगर्ा हैिो उसेप्रत्येक तबिंिुपर केंद्र की ओर ीचीं र्ा है| इस बल को अचिके न्द्रीय बल कहर्े हैं| िैसे - सूयत के चारो ओर पृथ्वी की गतर् 3. चुम्बकीय बल (Magnetic force): चुम्बक द्वारा ककसी चुम्बकीय धार्ु पर लगाया गया बल चुम्बकीय बल कहलार्ा है| अर्वा ववद्युर् चुम्बक द्वारा अपने चारों फै ले चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय धार्ु द्वारा बल का अनुिव करना| 4. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force): िो पपिंडो के बीच लगने वाले बल को गुरुत्वाकर्तण बल कहर्े है| िैसे - पृथ्वी और सूयत के बीच लगने वाला बल| बल की प्रबलर्ा के आधार पर बल िो प्रकार के होर्े हैं| (i) सींर्ुखलर् बल (Balanced force): ककसी वस्तु पर लगने वाले अनेक बलों का यकि पररणामी बल शून्य हो र्ो ऐसे बल को सींर्ुखलर् बल कहर्े हैं| (ii) असींर्ुखलर् बल (Unbalanaced force): ककसी वस्तु पर लगने वाले सिी बालों का पररणामी बल शून्य नहीीं है र्ो ऐसे बल को असींर्ुखलर् बल कहर्े हैं| • यकि ककसी वस्तु पर असींर्ुखलर् बल लगाया िार्ा है र्ो वस्तु की चाल में या र्ो उसके गतर् की किशा में पररवर्तन होर्ा है| • ककसी वस्तु की गतर् में त्वरण उत्पन्न करने के खलए असींर्ुखलर् बल की आवश्यकर्ा होर्ी है| Address: Office No. 605, CTS No. 658, Gayatri Bhuvan, A & B, Kandivali, Dattani Park, Thakur Village, Kandivali East, Mumbai, M.H. 400101, Email:
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(3) Class 9 th (विज्ञान) बल और गति का तियम • वस्तु की चाल में पररवर्तन र्ब र्क बनी रहेगी िब र्क वस्तु पर असींर्ुखलर् बल लग रहा है| गतर् के तनयम को प्रस्तुर् करने का श्रेय महान वैज्ञातनक सर आइिक न्यूटन को िार्ा है| इन्होने ने गतर् के र्ीन तनयम किए खिसे न्यूटन का गतर् का तनयम कहा है| (1) गतर् का प्रर्म तनयम (The First Law of Motion) (2) गतर् का पद्वर्ीय तनयम (The Second Law of Motion) (3) गतर् का र्ृर्ीय तनयम (The Third Law of Motion) गति का प्रथम नियम (जड़त्व) (1) गतर् का प्रर्म तनयम (The First Law of Motion): गतर् के प्रर्म तनयम के अनुसार: "प्रत्येक वस्तु अपनी स्थस्थर अवस्था या सरल रे ा में एकसमान गतर् की अवस्था में बनी रहर्ी है िब र्क कक उस पर कोई बाहरी बल कायतरर् न हो।" िसु रेशब्दों में : सिी वस्तुएँअपनी अवस्था पररवर्तन का ववरोध करर्ी हैं| • गतर् के प्रर्म तनयम से हमें यह पर्ा चलर्ा है कक ककसी वस्तु पर असींर्ुखलर् बल लगाने से गतर् करर्ा है| अर्ातर् ककसी वस्तु पर असींर्ुखलर् बल लगाया िाय र्ो यह बल के कारण गतर् करर्ा है| • गतर् का प्रर्म तनयम यह बर्ार्ा है कक ककसी वस्तु पर लगने वाला असींर्ुखलर् बाह्य बल उसके वेग में पररवर्तन करर्ा है और वस्तु त्वररर् हो िार्ी है| Address: Office No. 605, CTS No. 658, Gayatri Bhuvan, A & B, Kandivali, Dattani Park, Thakur Village, Kandivali East, Mumbai, M.H. 400101, Email:
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